
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: मां दुर्गा की प्रतिमा को जैतवारा ले जाने के दौरान बुकिंग और सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था को लेकर हुए विवाद के कारण शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि मुख्य रेलवे स्टेशन पर इटारसी-प्रयागराज छिवकी ट्रेन करीब एक घंटे तक खड़ी रही।
प्रतिमा का कुछ हिस्सा एसएलआर (लगेज वैन) से बाहर निकला होने के कारण उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका पर ट्रेन मैनेजर ने आपत्ति जताई और बुकिंग के दस्तावेज मांगे। विवाद बढ़ने पर आरपीएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा। समझाइश के बाद ट्रेन शुक्रवार-शनिवार की मयरात्रि 2.49 बजे रवाना हो सकी।
जैतवारा निवासी कुछ युवक मुख्य स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी ट्रेन क्रमांक 11273 के पीछे लगे एसएलआर में बिना बुकिंग प्रतिमा रख रहे थे। प्रतिमा को इस प्रकार रखा गया था कि उसका कुछ हिस्सा कोच के बाहर निकला हुआ था। ट्रेन चलने के दौरान प्रतिमा के खंडित होने की आशंका थी। इस पर ट्रेन मैनेजर ने युवकों को प्रतिमा को उचित एवं सुरक्षित तरीके से रखने की नसीहत दी।
आरोप है कि ट्रेन मैनेजर की नसीहत पर नशे में धुत्त कुछ युवकों ने विवाद शुरू कर दिया। इस पर ट्रेन मैनेजर ने बुकिंग के कागजात मांगे, जो युवक प्रस्तुत नहीं कर सके। उनके बीच कहासुनी बढ़ गई। ट्रेन संचालन से जुड़ी एक महिला कर्मी ने समझाना चाहा तो युवकों ने उसके साथ भी अभद्रता की। युवकों ने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए विरोध किया, जिससे रेलकर्मियों के काम में बाधा आई।
सूचना पर आरपीएफ और वाणिज्य विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। समझाइश के बावजूद विवाद जारी रहने पर पांचों युवकों को आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया। रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें निर्धारित तिथि पर न्यायालय में पेश होने के लिए नोटिस देकर छोड़ा गया। मामले की जांच जारी है। रेल प्रशासन ने प्रतिमा परिवहन के दौरान उचित तरीके से रखने और सुरक्षित परिवहन में सहयोग के लिए श्रृद्धालुओं से आग्रह किया है।
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