
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा रहे हैं। शहर में सामने आए तीन मामलों में ठगों ने एक सेवानिवृत्त एलआइसी कर्मचारी, इंजीनियर और शिक्षक को मिलाकर पांच लाख 25 हजार की चपत लगाई। तीनों मामलों में संबंधित थानों की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गढ़ा थाना क्षेत्र में प्रेमनगर निवासी शैलेष तिवारी (63) सेवानिवृत्त एलआईसी कर्मचारी के बैंक खाते से ठगों ने तीन लाख 97 हजार रुपए निकाल लिए। वे सात जुलाई को मंडला स्थित अपने पैतृक घर गए थे।
15 जुलाई को पत्नी के साथ बैंक खाते का बैलेंस देखने पर रकम कम मिली। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 11 से 14 जुलाई के बीच खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की गई थी।
इंजीनियर के साथ ठगी
माढ़ोताल क्षेत्र में ठगी का शिकार हुए दीक्षित कॉलोनी निवासी इंजीनियर नीतेश कुमार राठौर (37) ने बताया कि उसकी बुआ को बड़े भाई राजेश के इंटरनेट मीडिया नंबर से 45 हजार रुपए मांगने का मैसेज आया था।
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मैसेज पर भरोसा कर उसने यूपीआई के जरिए 45 हजार रुपए भेज दिए। बाद में भाई नितिन ने बताया कि राजेश का मोबाइल हैक हो गया है और उसके नंबर से भेजा गया मैसेज फर्जी था।
शिक्षक के साथ 64 हजार की ठगी
वहीं, ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में भीमनगर निवासी प्रमोद कुमार पासी (57) नवोदय विद्यालय बड़वारा के शिक्षक है। उनके फोन में इंटरनेट मीडिया पर अज्ञात नंबर से लिंक आया। लिंक खोलने के बाद खाते से 50 हजार व 14 हजार निकलने के मैसेज आए।
बैंक स्टेटमेंट से कुल 64 हजार ठगी सामने आई। पुलिस ने तीनों मामलों में शनिवार रात साइबर ठगी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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