
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। संस्कारधानी का ऐतिहासिक पंजाबी दशहरा सोमवार को गौरीघाट में पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। छह दशक से अधिक पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पंजाबी हिंदू एसोसिएशन इस बार 74वें पंजाबी दशहरा महोत्सव का आयोजन कर रहा है।
शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय परिसर में होने वाले इस आयोजन में 75 फीट ऊंचे रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। आयोजन में शामिल होने के लिए शहर के साथ आसपास के जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
पंजाबी दशहरे का सबसे बड़ा आकर्षण आतिशबाजी होगी। आयोजकों के अनुसार शिवाकाशी सहित अन्य आतिशबाजों द्वारा रंग-बिरंगे पटाखों और विशेष आतिशी प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। शाम 5:30 बजे श्रीराम के पूजन-अर्चन के साथ कार्यक्रम शुरू होगा।
जगद्गुरु डॉ. स्वामी नरसिंहदेवाचार्य महाराज और साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के आशीर्वचन होंगे। मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह रहेंगे। सांसद आशीष दुबे, विवेक तन्खा, सुमित्रा बाल्मीकी, महापौर जगत बहादुर सिंह और नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
आयोजन में भगवान श्रीराम की शोभायात्रा धार्मिक धुनों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के बीच निकाली जाएगी। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्याम बैंड के करीब 200 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
अश्वारोही दल, दुलदुल घोड़ी, रंग-बिरंगी डिस्को लाइट और डांडिया प्रदर्शन भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में आदि देव कला संस्थान की टीम राजस्थानी दुर्गा भजनों की प्रस्तुति देगी, जबकि नवरंग कथक कला केंद्र के कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
पंजाबी हिंदू एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश ग्रोवर, पंजाबी युवा सभा के अध्यक्ष अंशुल मलिक, कार्यक्रम संयोजक तरुण भनोत और सचिव राजीव ओबेराय सहित आयोजकों ने बताया कि 73 वर्षों से पंजाबी दशहरा जबलपुर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
पंजाबी परंपरा के साथ भारतीय संस्कृति के विविध रंग दिखाई देते हैं। सूर्यास्त के बाद श्रीराम के अग्निबाणों से रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा।
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