
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। शहर की लड़खड़ाती सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। नगर निगम अब नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। आगामी एक नवंबर से शहर में उन्नत सफाई व्यवस्था शुरू होने का दावा किया जा रहा है।
नगर निगम के सफाई टेंडर में पहली बार 35 निविदाकारों ने भाग लिया। इनमें देश-प्रदेश की बड़ी एजेंसियां भी शामिल हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 15 संस्थाओं को जोन वार पैनल बनाया गया है।
शनिवार को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। बैठक में दो प्रमुख चौराहों के नाम बदलने, लीज प्रकरणों के निराकरण और पटाखा व्यापारियों को राहत देने संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
महापौर ने बताया कि संभाग क्रमांक एक से 16 तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सफाई कार्यों के लिए आनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। इसमें कुल 35 निविदाकारों ने भाग लिया। तकनीकी परीक्षण के बाद 17 निविदाकार पात्र और 18 अपात्र पाए गए।
पात्र निविदाकारों की वित्तीय बिड पांच अक्टूबर 2026 को खोली गई। निविदा की शर्तों के अनुसार न्यूनतम सर्विस चार्ज 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया था। वित्तीय बिड की जांच में सेंगर सिक्योरिटी एंड सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड और कामथेन सिक्योरिटी सर्विस ने इससे कम दर प्रस्तुत की। ऐसे में उनकी निविदाएं नियमानुसार अमान्य किए जाने योग्य पाई गईं। चयनित एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम सौंपा जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ सफाई कार्यों की निगरानी के लिए संभागवार समितियां बनाई जाएंगी। इन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि कचरा संग्रहण और सफाई कार्यों की नियमित माॅनिटरिंग हो सके।
नगर निगम का लक्ष्य वार्डों से लेकर गलियों तक सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।बैठक में एमआईसी सदस्य डा. सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर, दामोदर सोनी, अंशुल राघवेंद्र यादव, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एमआईसी ने सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद चौक का नाम बदलकर विकसित भारत संकल्प सेवा चौक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं, कैरव्स चौक अब ईश्वरदास रोहाणी चौक के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा लीज प्रकरणों के निराकरण और त्योहार के सीजन को देखते हुए पटाखा व्यापारियों को राहत देने संबंधी प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए।
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