
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
अब तक शहर के 79 वार्डाें की सफाई का जिम्मा चार ठेकेदार संभाल रहे थे अब सफाई व्यवस्था की कमान 15 ठेकेदारों को सौंपी जाएगी। इनमें सात स्थानीय और आठ बाहरी ठेकेदार शामिल हैं।
मुंबई और नोएडा सहित अन्य शहरों की फर्मों को भी सफाई व्यवस्था में जिम्मेदारी दी जाएगी। ये निर्णय शुक्रवार को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में लिया गया।
बैठक में दिव्यांगजनों को रोजगार का अवसर देने के लिए नगर निगम में 116 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें 106 संविदा और 10 नियमित पद शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
महापौर ने बताया कि नागरिकों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स फर्मों का कार्यकाल एक नवंबर से 30 नवंबर तक बढ़ाया गया है।
संभाग क्रमांक एक से 16 और मुख्यालय स्तर पर कचरा प्रबंधन, आवश्यक सामग्री तथा श्रमिकों की आपूर्ति के लिए आमंत्रित निविदा में 17 समूहों के आवंटन और वित्तीय स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसके तहत नगर निगम में रिक्त 116 पद भरे जाएंगे। इनमें 10 पद नियमित और 106 पद संविदा आधार पर होंगे। महापौर ने कहा कि दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में एमआइसी सदस्य डा. सुभाष तिवारी, विवेकराम सोनकर, दामोदर सोनी, अंशुल यादव और रजनी साहू सहित अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, सहायक आयुक्त कामिनी लिल्हारे, स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा, सचिव अनिल जोशी, पेंशन प्रभारी दीपक शर्मा और स्थापना विभाग के वरिष्ठ लिपिक वीरू मारवे उपस्थित रहे।
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