
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। फर्जी विक्रेता और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए आईसीआईसीआई बैंक से 51 लाख रुपये का होम लोन लेने का मामला सामने आया है।
मामले में मदनमहल पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी सहित तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की एफआईआर दर्ज किया है।
नेपियर टाउन के ब्लूम चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर विनीत भसीन ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी शाखा से आशुतोष शुक्ला उर्फ आशीष शुक्ला और उसकी पत्नी आकृति शुक्ला को बैटाला स्थित प्लाट नंबर 29 व 30 के मकान की खरीदी के लिए 51 लाख रुपये का होम लोन स्वीकृत किया गया था।
लोन की राशि सीधे कथित विक्रेता धर्मपाल सिंह के खाते में भेजी गई थी। बैंक की जांच में सामने आया कि गिरवी रखी संपत्ति पर कई वर्षों से जैन परिवार का कब्जा था।
आरोप है कि धर्मपाल सिंह के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति को असली विक्रेता बताकर फर्जी बिक्री विलेख तैयार कराया गया। वहीं, लोन के लिए जमा कराए गए केवाईसी और पहचान संबंधी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।
बैंक प्रबंधन का आरोप है कि आशुतोष शुक्ला ने बकाया चुकाने के लिए समय मांगा था और 20 अगस्त, 2026 तक भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन राशि जमा नहीं की। पुलिस ने शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद शनिवार रात आशुतोष शुक्ला, आकृति शुक्ला और धर्मपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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