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MP Weather Water Crisis: 27 में संकट के बादल छोड़ विदा 26 के बदरा, जबलपुर में 35 फीसदी हुई कम बारिश, जलसंकट की बनी संभावना

जबलपुर में इस बार आसमान से उम्मीद के मुकाबले 455 मिमी कम पानी बरसा है। एक जून से 29 सितंबर तक जिले में सिर्फ 845.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औ...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 09:53:58 AM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 11:06:38 AM (IST)
MP Weather Water Crisis: 27 में संकट के बादल छोड़ विदा 26 के बदरा, जबलपुर में 35 फीसदी हुई कम बारिश, जलसंकट की बनी संभावना
फोटो-एआई जनरेटेड

HighLights

  1. जबलपुर में औसत से कम हुई बारिश
  2. आसमान से 455 मिमी कम बरसा पानी
  3. साल 2027 में जलसंकट की आशंका

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मानसून आया देर से, बरसा कम और अब जाते-जाते शहर-जिले के लिए पानी की चिंता छोड़ गया। इस बार आसमान से उम्मीद के मुकाबले 455 मिमी कम पानी बरसा है। एक जून से 29 सितंबर तक जिले में सिर्फ 845.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत करीब 1300 मिमी है।

यानी मानसून सीजन में बारिश की कमी 35 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि 2021 के बाद यह दूसरी बार है, जब जबलपुर औसत बारिश के आंकड़े से इतनी दूर रह गया है। साल 2021 में महज 625.8 मिमी बारिश हुई थी और इसके बाद गर्मियों में जलस्रोतों पर दबाव बढ़ने से जलसंकट गहरा गया था।


कम बारिश ने बढ़ाई चिंता

इस बार आंकड़ा 2021 जितना नीचे तो नहीं गया, लेकिन स्थिति सामान्य से काफी पीछे है। चिंता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि पिछले साल 2025 में 1180.8 मिमी बारिश के बाद भी परियट, खंदारी और बरगी के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई थी और शहर की करीब एक चौथाई आबादी को एक-दो दिन के अंतराल पर पानी देने की नौबत आई थी।

मौसम की चाल अस्थिर

वहीं, साल 2024 में 1464.5 मिमी बारिश ने रिकॉर्ड बनाया था। यानी महज दो साल के भीतर बारिश के आंकड़ों का यह पलटता मिजाज साफ संकेत दे रहा है कि मौसम की चाल लगातार अस्थिर हो रही है।

इस बार कम बारिश का असर जलस्रोतों के साथ खेतों पर भी दिख रहा है। कम पानी, तेज धूप और उमस ने फसलों पर कीट-रोग का खतरा बढ़ाया है।

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मौसमविदों की मानें तो प्रकृति के साथ लगातार हो रही छेड़छाड़, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण को होने वाला नुकसान इसका कारण हो सकता है।

मानसून करीब नौ दिन की देरी से पहुंचा और पूरे सीजन में बारिश का सिलसिला अपेक्षाकृत कमजोर रहा। अब सीजन विदाई की ओर है, ऐसे में सामान्य 1300 मिमी के आंकड़े तक पहुंचना मुश्किल दिखाई दे रहा है।

जबलपुर में औसत 1300 मिमी बारिश दर्ज की जाती है। इस बार मानसूनी गतिविधियों को देखते हुए औसत से कम बारिश की संभावना जताई गई थी। हालांकि इससे ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि कम बारिश के बीच एक-दो वर्षों के अंतराल में औसत से अधिक बारिश भी हुई है। देवेंद्र तिवारी, प्रभारी अधिकारी क्षेत्रीय मौसम कार्यालय

कम बारिश और तेज धूप, उमस के कारण कीट और बीमारी से फसलें प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है। पानी का नियमित वितरण भी नहीं हुआ। इन कारणों से फसलों की पैदावार आंशिक रूप से प्रभावित होने का अनुमान है। मनीष भान, कृषि विज्ञानी, जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि

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