
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ के बीच बेखौफ घूम रहे अवैध वेंडरों की समस्या पर लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रशासन ने इन पर शिकंजा कस दिया है। रेलवे स्टेशनों से लेकर ट्रेनों तक बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ रेलवे ने विशेष अभियान चलाया। शुक्रवार और शनिवार को की गई कार्रवाई में 19 अवैध वेंडरों को पकड़ा गया। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए 39 हजार रुपये की जुर्माना रसीद काटी गई। अभियान में सतर्कता विभाग, वाणिज्य विभाग और रेल सुरक्षा बल की संयुक्त टीम शामिल रही।
नईदुनिया की ओर लगातार ट्रेनों में अवैध वेंडरों की सक्रियता, बिना अनुमति खाद्य सामग्री की बिक्री और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जा रहा था। त्योहारों में बढ़ती भीड़ के बीच अवैध वेंडर चोरी-छिपे ट्रेनों में प्रवेश कर खाद्य सामग्री बेच रहे थे। इस दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके सुरक्षित रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे।
कुछ दिन पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सिविल लाइंस स्थित सिद्धी विनायक रेस्टोरेंट में भारी गंदगी के बीच खाने के पैकेट रखे मिले थे। सामने आया था कि संबंधित रेस्टोरेंट रेलवे में भोजन आपूर्ति के लिए अधिकृत नहीं है। इसके बावजूद अवैध वेंडरों के जरिए खाद्य सामग्री ट्रेनों तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद रेलवे ने संयुक्त जांच अभियान तेज किया।
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आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के अनुसार स्टेशन परिसर और ट्रेनों में नियमित गश्त की जा रही है। बिना अनुमति खाद्य सामग्री बेचने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। अवैध वेंडरों की आवाजाही रोकने के लिए आउटर पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। यात्रियों से मिलने वाली शिकायतों पर भी तत्काल कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए 19 लोगों के विरुद्ध जन विश्वास अधिनियम एवं रेल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।