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संविदा कर्मियों को 50% आरक्षण का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी

उनका चयन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन अंतिम नियुक्तियां याचिका के निर्णय के अधीन होंगी।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 08:45:16 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 08:45:16 PM (IST)
संविदा कर्मियों को 50% आरक्षण का मामला पहुंचा हाई कोर्ट, राज्य सरकार और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी

HighLights

  1. राज्य सरकार सहित संबंधित अनावेदकों को नोटिस जारी
  2. 10 वर्ष से संविदा पर कार्यरत कर्म परीक्षा में बैठ सकेंगे
  3. कर्मचारी चयन मंडल की विज्ञप्ति में पालन नहीं किया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने समूह-तीन उपयंत्री, मानचित्रकार, प्रयोगशाला तकनीशियन सहित अन्य समकक्ष पदों की भर्ती में संविदा कर्मचारियों को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं देने के मामले में राज्य सरकार सहित संबंधित अनावेदकों को नोटिस जारी किए हैं।

अधिवक्ता अनुराग दुबे व अमृता चौबे ने पक्ष रखा

याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी मनोज कुमार हल्दकार और प्रशांत कुररिया की ओर से अधिवक्ता अनुराग दुबे व अमृता चौबे ने पक्ष रखा।

संविदा कर्मि‍यों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित हैं

याचिका में कहा गया कि सामान्य प्रशासन विभाग के 22 जुलाई 2023 के दिशा-निर्देशों की क्लाज 1.10 के अनुसार सीधी भर्ती में संविदा कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने हैं, लेकिन कर्मचारी चयन मंडल की विज्ञप्ति में इसका पालन नहीं किया गया।


अधिकतम आयु सीमा पार होने से आवेदन नहीं कर पा रहे थे

याचिकाकर्ता प्रशांत कुररिया 10 वर्ष से संविदा उपयंत्री के रूप में कार्यरत हैं। अधिकतम आयु सीमा पार होने के कारण वे आवेदन नहीं कर पा रहे थे। कोर्ट ने उन्हें भौतिक रूप से आवेदन प्रस्तुत करने और परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है।

चयन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन

उनका चयन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन अंतिम नियुक्तियां याचिका के निर्णय के अधीन होंगी।

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