• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

मानसून फिर बेपटरी, जबलपुर समेत संभाग के जिलों में 10 साल में दूसरी बार औसत से कम बारिश

मौसमविदों की मानें तो प्रकृति के साथ लगातार हो रही छेड़छाड़, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण को होने वाला नुकसान इसका कारण हो सकता है। इस बार भी कम बारिश से...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 04:55:39 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 04:55:38 PM (IST)
मानसून फिर बेपटरी, जबलपुर समेत संभाग के जिलों में 10 साल में दूसरी बार औसत से कम बारिश
इस बार मानसूनी गतिविधियों को देखते हुए औसत से कम बारिश की संभावना जताई गई थी। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. सामान्य से 455 मिमी कम बारिश
  2. 2021 के सूखे मानसून के बाद अब फिर चिंता
  3. 2024 में टूटा था बारिश का रिकाॅर्ड

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले में इस बार मानसून उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। करीब नौ दिन की देरी से पहुंचा मानसून अब विदाई की ओर है, लेकिन जिले में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया। इसे अलनीनो का असर कहे या और कुछ परंतु सच यही है कि इस बार मानसून कमजोर साबित हो रहा है।

एक जून से अब तक महज 845.2 मिमी ही बारिश दर्ज

एक जून से 29 सितंबर तक महज 845.2 मिमी ही बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत 1300 मिमी है। यानी सीजन में अब तक 455 मिमी पानी कम बरसा है। यह करीब 35 प्रतिशत की कमी है।

जबलपुर औसत बारिश के आंकड़े से इतनी पीछे रहा

मौसम विभाग के पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि एक दशक में यह दूसरी बार है, जब जबलपुर औसत बारिश के आंकड़े से इतनी पीछे रहा। वर्ष 2021 में मानसून सीजन में केवल 625 मिमी बारिश हुई थी। इसके उलट 2024 में 1464 मिमी बारिश ने नया उच्च स्तर दर्ज किया था।


कम बारिश से गर्मियों में गहराता है जलसंकट

मौसम विभाग में दर्ज आंकड़े बताते हैं कि इसके पहले भी मानसून सीजन में जबलपुर में कम बारिश हो चुकी है। करीब 16 साल पहले वर्ष 2000 में भी एेसी ही स्थिति बनी थी। पांच साल पहले 2021 में महज कुल 625.8 मिमी बारिश हुई थी दौरान गर्मियों में जलसंकट गहरा गया था।

परियट, खंदारी, बरगी बांध का जलस्तर घट गया था

गत वर्ष यानि मानसून सीजन 2025 में भी जून से सितंबर माह के बीच औसत से कम 1180.8 मिमी बारिश हुई थी नतीजा ये हुआ कि परियट, खंदारी, बरगी बांध का जलस्तर घट गया और एक चौथाई आबादी को एक-दो बाद बाद पेयजल आपूर्ति करने की स्थिति निर्मित हो गई।

पिछले 26 इस तरह रहा मानसून का मिजाज

वर्ष कुल वर्षा (मिमी में) इंच में

2015 809.7 31.9

2016 1450.1 57.1

2017 953.5 37.5

2018 1064.9 41.9

2019 1621.1 63.8

2020 1082.4 42.6

2021 625.8 24.6

2022 1345.5 52.9

2023 1376.1 54.2

2024 1464.5 57.6

2025 1180.8 46.5

2026 845.2 33.2

जबलपुर में औसतन 1300 मिमी बारिश दर्ज की जाती है। इस बार मानसूनी गतिविधियों को देखते हुए औसत से कम बारिश की संभावना जताई गई थी। हालांकि इससे ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि कम बारिश के बाद एक-दो वर्षाें के अंतराल में औसत से अधिक बारिश भी हुई है।

देवेंद्र तिवारी, प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय मौसम कार्यालय

कम बारिश और तेज धूप, उमस के कारण कीट और बीमारी से फसलें प्रभावित होने की जानकारी सामने आ रही है। पानी का रेगुलर डिस्ट्रीब्यूशन भी नहीं हुआ। इन कारणों से फसलों की पैदावार आंशिक रूप से प्रभावित होने का अनुमान है।

मनीष भान, कृषि विज्ञानी, जवाहर लाल नेहरू कृषि विवि

यह भी पढ़ें- जबलपुर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पांच एक्सपर्ट के नाम प्रस्तावित, HC ने पूछा- दूसरे शहरों में भी गठित कर सकते हैं विशेषज्ञ समिति ?