
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश के पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण में कुल 91.06 लाख उपभोक्ता हैं। इन पर 7,852 करोड़ रुपये बकाया है। इस पर अभी तक 3,861 करोड़ रुपये सरचार्ज लग चुका है। सबसे ज्यादा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पर 36.96 लाख उपभोक्ताओं पर 4,984.3 करोड़ रुपये बकाया और इस पर सरचार्ज 3198.7 करोड़ रुपये है। प्रदेश में अभी तक 9.51 लाख उपभोक्ताओं पर बकाया था, वो समाधान योजना पर भरोसा जाहिर कर चुके हैं। यह कुल बकायादारों का करीब 10 प्रतिशत है।
योजना एक नंवबर से प्रारंभ हुई थी। इसका पहला चरण 31 जनवरी तक है। योजना में कुल 5.81 लाख उपभोक्ता ने 513 करोड़ रुपये एकमुश्त राशि जमा की वहीं 3.69 उपभोक्ता ने किश्तों का विकल्प चुनकर 63.3 करोड़ रुपये जमा किए। अब तक 577.4 करोड़ रुपये ही प्रदेश की बिजली कंपनी को मिल सका है।
बता दें कि समाधान योजना को लेकर ऊर्जा विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। गत दिवस ऊर्जा मंत्री ने तीनों वितरण कंपनियों के साथ मिलकर इसकी समीक्षा की थी। इसमें अधिकारियों को कहा गया कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। कंपनी क्षेत्र के अंतर्गत प्रथम सर्किल को 25 हजार और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा। संबंधित अभियंता की गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जाएगी।

जिन उपभोक्ताओं के दो लाख रुपये से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें।