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लापता व्यक्ति नहीं मिला तो MP High Court ने खींची न्यायिक सीमा, कहा-स्टेटस रिपोर्ट अनंतकाल तक नहीं मंगाई जा सकती

कोर्ट ने साफ किया कि जब पुलिस हरसंभव प्रयास कर चुकी हो और दो वर्ष बाद भी कोई ठोस सुराग न मिले, तब बार-बार प्रगति प्रतिवेदन तलब करने से कोई उपयोगी उद्द...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 27 Jun 2026 10:53:28 AM (IST)Updated Date: Sat, 27 Jun 2026 10:53:28 AM (IST)
लापता व्यक्ति नहीं मिला तो MP High Court ने खींची न्यायिक सीमा, कहा-स्टेटस रिपोर्ट अनंतकाल तक नहीं मंगाई जा सकती
दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कार्पस) याचिका का निराकरण करते हुए यह व्यवस्था दी।

HighLights

  1. दो वर्ष के दौरान की गई तलाश, हुई 14 सुनवाई
  2. स्टेटस रिपोर्ट के बाद हैबियस कार्पस याचिका समाप्त
  3. पुलिस को दिए जांच जारी रखने के निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि क्या किसी लापता व्यक्ति की तलाश में कोर्ट अनिश्चितकाल तक केवल स्टेटस रिपोर्ट ही मंगाती रहे?

याचिका का निराकरण करते हुए यह व्यवस्था दी

इसी के साथ कोर्ट ने ग्राम थानेगांव, लांजी, बालाघाट निवासी रमेश घारटे द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कार्पस) याचिका का निराकरण करते हुए यह व्यवस्था दी।

जुलाई 2024 से अब तक स्टेटस रिपोर्ट मंगाई

याचिकाकर्ता ने अपने 56 वर्षीय पिता के कथित अपहरण व गुमशुदगी का मामला उठाया था। 13 जून, 2024 को शिकायत दर्ज होने के बाद हाईकोर्ट ने जुलाई 2024 से अब तक 14 सुनवाई में पुलिस से लगातार स्टेटस रिपोर्ट मंगाकर तलाश की प्रगति की निगरानी की।

पूरे देश में किसी व्यक्ति का पता लगाना अत्यंत कठिन

कोर्ट ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में, जब स्वजनों के पास भी कोई ठोस सुराग नहीं है, तब पुलिस के लिए पूरे देश में किसी व्यक्ति का पता लगाना अत्यंत कठिन है।

किसी न किसी माध्यम से अपने स्वजनों से संपर्क करते

कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि लापता व्यक्ति जीवित होते तो संभवतः किसी न किसी माध्यम से अपने स्वजनों से संपर्क करते।

स्पष्ट किया कि इससे पुलिस जांच समाप्त नहीं होगी

कोर्ट ने याचिका का पटाक्षेप कर दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि इससे पुलिस जांच समाप्त नहीं होगी। लापता व्यक्ति का पता चलते ही उसे उसके स्वजनों को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।

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