शादी के बाद दुष्कर्म का केस खत्म, MP High Court ने FIR की रद; कहा- कार्यवाही से वैवाहिक जीवन में पड़ सकता है खलल
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विशेष परिस्थितियों में दुष्कर्म मामले की एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी। दोनों पक्षों ने समझौते के बाद विवाह कर लिय...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 08:17:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 08:17:24 PM (IST)
शादी के बाद दुष्कर्म का केस खत्म एमपी हाईकोर्ट ने खत्म कर दिया। (एआई जनरेटेड)HighLights
- शादी के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता किया।
- शिकायतकर्ता ने आपराधिक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाने की इच्छा जताई।
- हाई कोर्ट ने दोनों के शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन को ध्यान में रखा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए दुष्कर्म के एक मामले में दर्ज एफआइआर और उसके आधार पर चल रही आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने माना कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और उन्होंने विवाह कर लिया है। ऐसे में आपराधिक कार्यवाही जारी रखने से उनके व्यवस्थित वैवाहिक जीवन में अनावश्यक रूप से खलल पड़ सकता है।
विवाह के बाद दोनों पक्षों में हुआ समझौता
- मामला सिवनी जिले के धनौरा थाना क्षेत्र का है। याचिकाकर्ता युवक के विरुद्ध दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया था। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से आवेदन पेश कर एफआईआर निरस्त करने का अनुरोध किया गया।
आवेदन में बताया गया कि दोनों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझ गया है और उन्होंने 28 अप्रैल, 2026 को विवाह कर लिया है। दोनों पति-पत्नी के रूप में शांतिपूर्वक साथ रह रहे हैं तथा शिकायतकर्ता अब आपराधिक कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाना चाहती। कार्यवाही जारी रखना होगा कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग
- हाई कोर्ट ने आदेश में कहा कि एफआइआर के आरोपों से संकेत मिलता है कि दोनों एक-दूसरे से परिचित थे। अब दोनों ने विवाह कर लिया है और शिकायतकर्ता ने स्वेच्छा से समझौता किया है।
- इन विशेष परिस्थितियों में कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इस आधार पर कोर्ट ने आपराधिक प्रकरण की कार्यवाही निरस्त करने के आदेश दिए।
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