यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP News: बिजली चोरी पकड़वाने पर अब कंपनी घर बैठे देगी 50 हजार रुपये तक का इनाम
मध्य प्रदेश में बिजली चोरी के खिलाफ मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी विद्युत मित्र एप लांच करने जा रही है। इस एप के जरिये आम लोग शिकायत कर सकते ...और पढ़ें
By Aditya KumarEdited By: Aditya Kumar
Publish Date: Tue, 27 May 2025 07:10:26 PM (IST)Updated Date: Tue, 27 May 2025 10:50:03 PM (IST)
मध्य प्रदेश में बिजली चोरी पकड़ने के लिए आया एप।HighLights
- आगामी जून से ऑनलाइन कर पाएंगे शिकायत।
- शिकायतकर्ता की गोपनीयता भी कायम रहेगी।
- फिलहाल 22 जिलों में यह सेवा शुरू की जाएगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर (MP News)। मध्य प्रदेश में बिजली चोरी करने वालों के बुरे दिन आने वाले है। जी हां, मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विद्युत मित्र एप लांच करने जा रही है। इस एप के जरिये आम लोग बिजली चोरी की सूचना दे सकते है और पुरस्कार स्वरूप उन्हें पचास हजार रुपये तक की धनराशि मिलेगी।
गोपनीय रहेगी शिकायतकर्ता की पहचान
कंपनी ने यह भी दावा किया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कंपनी ने बताया कि इनाम की राशि को लेकर शिकायतकर्ता को इधर-उधर भटकना नहीं होगा। कंपनी सीधे बैंक खाते में शिकायतकर्ता के इनाम की राशि भेजेगी।
शिकायत झूठी निकली तो नंबर होगा ब्लाॅक
- कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायत झूठी निकली तो शिकायतकर्ता को एप के जरिए दोबारा कभी शिकायत करने का अवसर नहीं मिलेगा।
- साथ ही कंपनी के एप में संबंधित फर्जी शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर ब्लाॅक हो जाएगा। जानकारी हो कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के 22 जिलों में यह सेवा फिलहाल शुरू होगी।
- यह फैसला तब लिया गया है जब 30 प्रतिशत लाइन लास कंपनी को उठाना पड़ रहा है जिस वजह से आम उपभोक्ताओं पर भी बिल का बोझ आ रहा है।
शिकायत का अवलोकन भी अब होगा ऑनलाइन
- बताया गया कि शिकायत करने के बाद मामले की स्थिति का अवलोकन भी शिकायतकर्ता ऑनलाइन कर सकता है। शिकायत किस स्तर पर पहुंची है यह पता कर सकता है।
- अधीक्षण यंत्री संजय आरोरा ने बताया कि पहले बिजली चोरी की शिकायत के लिए दफ्तर में आकर जानकारी देनी होती थी।
- इनाम की राशि जुर्माना वसूली की प्रक्रिया के बाद मिलती थी।
- यह लंबी प्रक्रिया थी जिस वजह से इसमें प्रभावी रिस्पांस नहीं मिल पा रहा था।
- नई व्यवस्था में मोबाइल एप के जरिए आनलाइन शिकायत करनी है।