
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत ही रहने के कारण प्रदेश के ओबीसी वर्ग के चयनित 87, 167 अभ्यर्थी प्रभावित होंगे जो वर्ष 2019 से नौकरी की आस लगाए बैठे थे।
इतने ही अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थी हैं। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई परीक्षाओं के 13 प्रतिशत रोके गए पदों की संख्या 913 है जिनमें अंतिम चरण में चयनित ओबीसी वर्ग के 2795 अभ्यर्थी हैं।
इसी तरह मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की परीक्षाओं के 13 प्रतिशत होल्ड पदों की संख्या 8150 है जिनमें से अंतिम चरण में चयनित कुल 84, 372 अभ्यर्थी हैं। इतने ही अभ्यर्थी अनारक्षित वर्ग के हैं। इस तरह प्रदेश में पौने दो लाख अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया था।
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ईएसबी ने रिक्त पदों के छह गुना तो पीएससी ने तीन गुना अभ्यर्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा था। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद वेटिंग लिस्ट में से ही प्रावीण्य सूची के आधार पर 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
बता दें, कोर्ट के निर्देश के बाद 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति दे दी गई थी लेकिन 13 प्रतिशत पदों को अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा में रोककर रखा गया था।