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एमपी हाईकोर्ट से 13,089 पूर्व चयनित शिक्षकों को झटका... निरस्त हुईं सभी अपीलें, जारी होगी नई मेरिट सूची

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में बिना पात्रता के पांच प्रतिशत बोनस अंक हासिल कर चयनित हुए 13,089 अभ्यर्थियों को ह...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 08:52:41 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 08:52:41 PM (IST)
एमपी हाईकोर्ट से 13,089 पूर्व चयनित शिक्षकों को झटका... निरस्त हुईं सभी अपीलें, जारी होगी नई मेरिट सूची
एमपी हाईकोर्ट से 13,089 चयनित शिक्षकों को झटका

HighLights

  1. प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 13,089 अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज
  2. धोखाधड़ी और गलत जानकारी से प्राप्त लाभ वैध नहीं: हाईकोर्ट
  3. RCI डिप्लोमाधारकों के लिए 15 दिन की मिलेगी विशेष विंडो

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में बिना पात्रता के पांच प्रतिशत बोनस अंक हासिल कर चयनित हुए 13,089 अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। प्रशासनिक न्यायाधीश आनंद पाठक व न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही ठहराते हुए पूर्व चयनित प्राथमिक शिक्षकों की सभी अपीलें निरस्त कर दीं। इसके साथ ही नई संशोधित मेरिट सूची तैयार करने का रास्ता साफ हो गया।

कोर्ट ने कहा- ईमानदारी से प्रक्रिया पूरी करने वाले पात्रों का न हो नुकसान

युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि गलत जानकारी देकर चयन सूची में स्थान हासिल करने वाले अभ्यर्थी बाद में समानता के आधार पर राहत नहीं मांग सकते। ऐसा करने से ईमानदारी से प्रक्रिया पूरी करने वाले पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होंगे। कोर्ट ने कहा कि भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) की वैध मान्यता के बिना बोनस अंक हासिल करना गंभीर अनियमितता है। विधि का स्थापित सिद्धांत है कि धोखाधड़ी से प्राप्त लाभ या अधिकार कायम नहीं रह सकता। कोर्ट ने इस संदर्भ में महेश कुमार बाथम बनाम एलआईसी मामले का भी उल्लेख किया।


तीन बार सुधार का अवसर दिए जाने के बावजूद गलत जानकारी देना स्वीकार्य नहीं

हाई कोर्ट ने पाया कि अभ्यर्थियों को 25 अगस्त 2025 से 11 फरवरी 2026 के बीच तीन अलग-अलग अवसरों पर अपनी जानकारी सुधारने का मौका दिया गया था। इसके बावजूद गलत जानकारी देना केवल भूल बताकर वास्तविक अंकों के आधार पर चयन बनाए रखने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।

15 दिन की विशेष विंडो: तीन माह के भीतर जारी होगी संशोधित मेरिट सूची

बहरहाल, अब एकलपीठ का मूल आदेश प्रभावी होगा। चयन मंडल आरसीआई डिप्लोमाधारियों के लिए 15 दिन की विशेष विंडो खोलेगा, जिसमें पात्र अभ्यर्थी वैध प्रमाण-पत्र अपलोड कर सकेंगे। प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहने वालों के आवेदन निरस्त होंगे। सत्यापन पूरा कर तीन माह के भीतर संशोधित मेरिट सूची जारी कर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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