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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

National Consumer Disputes Redressal Commission: खाताधारक की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई बैंक की जिम्मेदारी, उपभोक्ता आयोग के निर्देश

प्रत्येक बैंक की जिम्मेदारी है कि खाताधारक की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करे। ऐसा न किए जाने पर परिवाद की सुनवाई उपरांत सेवा में कमी का दोषी पाए जाने प...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Wed, 05 Jun 2024 10:28:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 05 Jun 2024 10:39:44 PM (IST)
National Consumer Disputes Redressal Commission: खाताधारक की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई बैंक की जिम्मेदारी, उपभोक्ता आयोग के निर्देश

HighLights

  1. उपभोक्ता आयोग ने कहा सेवा में कमी पर हर्जाना भुगतान के दिए निर्देश
  2. ब्याज की दर से भुगतान करना होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रत्येक बैंक की जिम्मेदारी है कि खाताधारक की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करे। ऐसा न किए जाने पर परिवाद की सुनवाई उपरांत सेवा में कमी का दोषी पाए जाने पर हर्जाना भुगतान के निर्देश जारी किए जाएंगे। उक्त टिप्पणी जिला उपभोक्ता आयोग, जबलपुर के अध्यक्ष पंकज यादव व सदस्य अमित सिंह तिवारी की युगलपीठ ने एक परिवाद पर सुनवाई के दौरान की।

इसी के साथ पिसनहारी की मढ़िया, जबलपुर निवासी रंजना गोटिया के हक में राहतकारी आदेश पारित कर दिया। जिसमें कहा गया कि संबंधित बैंक परिवादी की शिकायत का एक माह के भीतर उचित प्रक्रिया अनुसार निराकरण करे।

मानसिक पीड़ा सहित अन्य क्षतिपूर्ति दें

उपभोक्ता आयोग ने बैंक को निर्देश दिया कि बैंक द्वारा सेवा में कमी के कारण परिवादी को हुई मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति बतौर पांच हजार रुपये का भुगतान करे।

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परिवाद दायर करने में हुए खर्च तीन हजार रुपये अलग से दे। यदि इस आदेश का एक माह के भीतर पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।