
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रत्येक बैंक की जिम्मेदारी है कि खाताधारक की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करे। ऐसा न किए जाने पर परिवाद की सुनवाई उपरांत सेवा में कमी का दोषी पाए जाने पर हर्जाना भुगतान के निर्देश जारी किए जाएंगे। उक्त टिप्पणी जिला उपभोक्ता आयोग, जबलपुर के अध्यक्ष पंकज यादव व सदस्य अमित सिंह तिवारी की युगलपीठ ने एक परिवाद पर सुनवाई के दौरान की।
इसी के साथ पिसनहारी की मढ़िया, जबलपुर निवासी रंजना गोटिया के हक में राहतकारी आदेश पारित कर दिया। जिसमें कहा गया कि संबंधित बैंक परिवादी की शिकायत का एक माह के भीतर उचित प्रक्रिया अनुसार निराकरण करे।
उपभोक्ता आयोग ने बैंक को निर्देश दिया कि बैंक द्वारा सेवा में कमी के कारण परिवादी को हुई मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति बतौर पांच हजार रुपये का भुगतान करे।
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परिवाद दायर करने में हुए खर्च तीन हजार रुपये अलग से दे। यदि इस आदेश का एक माह के भीतर पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।