• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

प्राकृतिक खेती, नवाचारों ने डिंडौरी, सीधी, उमरिया और टीकमगढ़ जिले को दिलाया राष्ट्रीय सम्मान‍

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत डिंडौरी को 'फसल विविधीकरण एवं सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने' श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 12:04:46 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 12:12:41 PM (IST)
प्राकृतिक खेती, नवाचारों ने डिंडौरी, सीधी, उमरिया और टीकमगढ़ जिले को दिलाया राष्ट्रीय सम्मान‍
सीधी का श्रीअन्न संग्रहालय। - फाइल फोटो

HighLights

  1. उमरिाया जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाकर 78.1 कंपोजिट स्कोर प्राप्त करने पर सम्मान मिला
  2. सीधी को फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
  3. डिंडौरी में एक वर्ष में 873 नए परिवारों व 12,258 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के 100 आकांक्षी कृषि जिलों में शामिल मप्र के डिंडौरी, उमरिया, सीधी और टीकमगढ़ ने देशभर में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इन जिलों में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और भंडारण संबंधित कार्यों को सराहते हुए सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया।

इन जिलों में कृषि के विविध क्षेत्रों में किए गए नवाचारों ने अन्य क्षेत्रों के किसानों को नई राह दिखाई दी है। अनूपपुर, शहडोल सहित आठ जिलों के दल को आमंत्रित किया था, लेकिन उन्हें स्थान नहीं मिला।

डिंडौरी में प्राकृतिक खेती को दिया बढ़ावा

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत डिंडौरी को 'फसल विविधीकरण एवं सतत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने' श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में विभागों के समन्वय से जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया।


एक वर्ष में 873 नए परिवारों व 12,258 किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया। किसानों के लिए 33 जैव संसाधन केंद्र स्थापित किए व 4,650 किसानों का जैविक प्रमाणीकरण कराया गया। मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण को ध्यान में रख रामतिल, मसूर, सरसों जैसी कम पानी वाली फसलों पर फोकस रखा गया है।

उमरिया : फसल विविधीकरण पर जोर

उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाकर 78.1 कंपोजिट स्कोर प्राप्त करने पर सम्मान मिला है। फसल विविधिकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और विभागों के बीच समन्वय के आधार पर जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक फसलों के साथ दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने नए विकल्प उपलब्ध कराने व कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम किया है। उप संचालक (कृषि) एसएस मरावी ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास व कृषि विज्ञान केंद्र के आपसी समन्वय के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम हुआ है।

सीधी में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास

सीधी को फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला है। जिले में बड़ा दुग्ध शीतलन केंद्र लगाया है, जिसके तहत आठ डेयरी समितियां हैं। पशुपालन, दुग्ध, मछली पालन, उद्यानिकी के लिए 15 सूक्ष्म उद्योग को स्थापित किया गया। आठ किसान उत्पादक संगठन बनाए जो भंडारण की व्यवस्था कर रहे हैं।

योजना का उद्देश्य

  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं के साथ-साथ राज्य की योजनाओं और निजी क्षेत्र की साझेदारियों पर आधारित है।
  • योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सुधार करना, उत्पादकता बढ़ाना और कृषि से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना और किसानों की आय बढ़ाना है।

यह भी पढ़ें- Food Museum: सीधी में मध्‍य प्रदेश का पहला श्री अन्न संग्रहालय, 30 वर्ष पुराने 15 बीज