• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर में नवरात्र की उमंग, त्रिपुर सुंदरी से बड़ी खेरमाई तक गूंजेंगे जयकारे, यह है घटस्थापना का मुहूर्त

मां नर्मदा की कलकल धारा, शिव की साधना और संस्कारों की सुगंध से सुवासित संस्कारधानी जबलपुर में शारदीय नवरात्र का उल्लास छाएगा।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 09:19:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 09:19:36 PM (IST)
जबलपुर में नवरात्र की उमंग, त्रिपुर सुंदरी से बड़ी खेरमाई तक गूंजेंगे जयकारे, यह है घटस्थापना का मुहूर्त
संस्कारधानी की धार्मिक पहचान भानतलैया स्थित मां बड़ी खेरमाई। नईदुनिया

HighLights

  1. हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
  2. संस्कारधानी में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ
  3. पं. सौरभ दुबे ने बताए घटस्थापना के मुहूर्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। घरों के पूजाघरों से लेकर देवी मंदिरों तक आस्था के दीप प्रज्वलित होंगे। शंखध्वनि, घंटियों की गूंज और जय माता दी के जयकारों के बीच मां भगवती की आराधना का महापर्व आरंभ होगा। तेवर स्थित मां त्रिपुर सुंदरी से लेकर बड़ी खेरमाई और बूढ़ी खेरमाई तक देवी मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचेंगे।

naidunia_image

हाथी को सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा का प्रतीक

ज्योतिर्विद एवं वास्तुविद् पं. सौरभ दुबे के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। धार्मिक मान्यता में हाथी को सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है।

naidunia_image

चित्रा नक्षत्र और राशि का विशेष संयोग

पं. सौरभ दुबे के अनुसार, इस बार नवरात्र में चित्रा नक्षत्र के साथ कन्या और तुला राशि का संयोग बन रहा है। उन्होंने सर्वार्थसिद्धि योग और रवियोग को भी विशेष महत्व का बताया है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, हाथी पर माता का आगमन अन्न-धान्य की वृद्धि और समृद्धि से जोड़ा जाता है। शक्ति आराधना का यह पर्व श्रद्धालुओं के लिए साधना, संयम और सकारात्मकता का संकल्प दोहराने का अवसर भी है।


naidunia_image

घटस्थापना के शुभ मुहूर्त

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर आज घर-घर में कलश स्थापना, जवारा रोपण और अखंड ज्योति प्रज्वलित करने के साथ देवी आराधना शुरू होगी। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित के मार्गदर्शन में घटस्थापना करेंगे। पं. सौरभ दुबे द्वारा बताए गए घटस्थापना के मुहूर्त इस प्रकार हैं।

naidunia_image

  • सुबह 6:17 से 9:26 बजे तक
  • सुबह 9:34 से 11:39 बजे तक
  • दोपहर 1:44 से 3:31 बजे तक
  • शाम 5:04 से 6:35 बजे तक
  • रात 8:15 से 10:14 बजे तक

naidunia_image

देवी मंदिरों में उमड़ेगी आस्था

संस्कारधानी की धार्मिक पहचान में तेवर स्थित मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर और बड़ी खेरमाई मंदिर की विशेष आस्था परंपरा का महत्वपूर्ण स्थान है। नवरात्र में देवी दर्शन, पूजन और आरती के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ेगी।

naidunia_image

पूजा परंपराएं परिवारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेंगी

घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, देवी मंत्रों का जाप, व्रत-उपवास और कन्या पूजन की तैयारियां होंगी। पीढ़ियों से चली आ रही पूजा परंपराएं परिवारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ेंगी।

naidunia_image

नौ स्वरूपों की आराधना, विजयादशमी पर समापन

नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी। 18 अक्टूबर को महाष्टमी और 19 अक्टूबर को महानवमी के अनुष्ठान होंगे, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस प्रकार देवी साधना से लेकर विजयादशमी तक संस्कारधानी में 10 दिनों तक उत्सवी वातावरण बना रहेगा।

naidunia_image

शक्ति साधना के साथ सद्भाव का संदेश

नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति, साहस, करुणा और सेवा के संकल्प को दोहराने का अवसर भी है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप जीवन में धैर्य और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देते हैं।

naidunia_image

सुख-शांति, समाज में सौहार्द और जनकल्याण की कामना

मां नर्मदा की नगरी में श्रद्धालु परिवार की सुख-शांति, समाज में सौहार्द और जनकल्याण की कामना करेंगे। आज घटस्थापना के साथ संस्कारधानी में भक्ति का नया अध्याय आरंभ होगा और मंदिरों से घरों तक जय माता दी का नाद गूंजेगा।

naidunia_image

यह भी पढ़ें- नवरात्र 2026 : मैहर मेले में जबलपुर से मानिकपुर तक जांच करेगा स्पेशल दल, स्टेशनों के लगभग 50 कर्मचारियों की तैनाती