
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट शिवांश गुप्ता की दुखद आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवांश ने हाल ही में एक नई बाइक खरीदी थी, जो उसके कुछ सीनियर छात्रों को पसंद नहीं आई। परिजनों का आरोप है कि इसी वजह से उसकी रैगिंग की गई और उसे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने हॉस्टल की छत से कूदकर जान दे दी। इस घटना ने मेडिकल संस्थानों में रैगिंग के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
शिवांश गुप्ता, जो मूल रूप से रीवा का रहने वाला था और जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के पहले साल का छात्र था। शिवांश ने हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि शिवांश की रैगिंग की जा रही थी और हाल ही में नई बाइक खरीदने के बाद सीनियर छात्रों ने उसे लगातार परेशान करना शुरू कर दिया था।
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शिवांश ने अपनी मां से फोन पर बात करते हुए रैगिंग की बात कही थी। उसकी मां ने बताया कि बेटे की आवाज में डर और तनाव साफ झलक रहा था। वहीं, शिवांश के चाचा दिनेश गुप्ता ने बताया कि कुछ सीनियर छात्रों ने बाइक खरीदने पर उसे तीन घंटे तक रोके रखा और उसके साथ मारपीट भी की। इसी तनाव और मानसिक दबाव के चलते वह दो दिनों से डिप्रेशन में था।
घटना बुधवार रात की है, जब शिवांश ने कुछ दोस्तों से इस विषय पर चर्चा की और फिर गुरुवार दोपहर हॉस्टल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के कुछ देर पहले ही उसने अपने दोस्तों और पिता को थैंक यू का मैसेज भेजा था। उस समय उसके माता-पिता गुरुग्राम में उसकी बहनों से मिलने गए हुए थे। जैसे ही उन्हें बेटे की मौत की खबर मिली, वे बेसुध हो गए। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को रीवा ले जाया गया।
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इस मामले के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जिन छात्रों से शिवांश ने आखिरी बार बात की थी, उनके मोबाइल डेटा खंगाले जा रहे हैं। कालेज प्रशासन ने भी एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग बुलाकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि कालेज का कहना है कि प्रथम वर्ष के छात्रों का हॉस्टल अलग होता है और वहां सीनियरों की एंट्री नहीं होती, लेकिन परिजनों के आरोपों के बाद इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं।