
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावर्ती एल्गिन अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात के हाथ की हड्डी दो टुकड़ों में टूटने का मामला सामने आया है। स्वजनों का आरोप है कि पिछले दो-तीन दिनों से गर्भवती महिला के चेकअप और सभी रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद अचानक ऑपरेशन से डिलीवरी कराई गई। रात करीब 9:30 बजे डिलीवरी के बाद बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर की जानकारी दी गई, जबकि एक्स-रे में हड्डी दो टुकड़ों में टूटी मिली।
स्वजनों के मुताबिक डाॅक्टरों की सलाह पर बच्चे को बाहर निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया और वापस एल्गिन अस्पताल लाने पर डाॅक्टर ने बच्चे को तत्काल देखने से इनकार करते हुए 24 घंटे बाद जांच की बात कही।
मामले की सूचना मिलने पर पहुंचे रिजवान अली कोटी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी से कार्रवाई की मांग की। वहीं मौके पर संबंधित कार्यालय में ताला लगा मिला।
ड्यूटी डाॅक्टर के भी नदारद होने की बात सामने आई। स्वजनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले का संज्ञान लेकर नवजात को उपचार और भर्ती की सुविधा नहीं दी गई तो सोमवार को सीएमएचओ कार्यालय में प्रदर्शन किया जाएगा।
इस मामले में सीएमएचओ डाॅ. नवीन कोठारी ने कहा कि केस थोड़ा क्रिटिकल था। लेकिन अस्पताल के डाॅक्टरों ने सूझबूझ से जज्जा-बच्चा को सुरक्षित कर लिया। हालांकि नवजात को सुरक्षित निकालने में मामूली इंजुरी हुई है जिसे आर्थो विशेषज्ञों की मदद से जल्द ही रिकवर कर लिया जाएगा। फिलहाल जज्जा-बच्चा स्वस्थ हैं और अगले चार से पांच दिन में वे स्वस्थ घर जा सकेंगे।
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