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जबलपुर में मानसून सीजन में पहली बार खुले बरगी बांध के नौ गेट, उफान पर आई नर्मदा

Bargi Dam Jabalpur: रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने पर मंगलवार सुबह 11.30 बजे नौ गेट खोले गए।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 19 Aug 2026 07:43:04 AM (IST)Updated Date: Wed, 19 Aug 2026 08:06:53 AM (IST)
जबलपुर में मानसून सीजन में पहली बार खुले बरगी बांध के नौ गेट, उफान पर आई नर्मदा
मंडला-डिंडौरी की तरफ से आ रहे पानी से बरगी बांध का जलस्तर बढ़ने पर मंगलवार को खोले गए नौ गेटों से निकलती नर्मदा की जलधार। गेट खुलने के कुछ घंटे बाद ही नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। फोटो- अमित सोनी

HighLights

  1. 421 मीटर तक पहुंचा बांध का जलस्तर, नौ गेट से छोड़ रहे 36,409 क्यूसेक पानी
  2. गौरीघाट, तिलवारा, भेड़ाघाट सहित नर्मदा का तीन से चार फीट तक बढ़ेगा जलस्तर
  3. बरगी बांध से पानी की निकासी में गेटों के साथ पावर हाउस का पानी भी शामिल है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद मंगलवार को मानसून सीजन में पहली बार बांध के नौ जलद्वार खोल दिए गए। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सुबह 11.30 बजे नौ गेटों को औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोलकर 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। बरगी बांध के नौ गेट खुलते ही नर्मदा नदी उफान पर आ गई।

मंगलवार सुबह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गौरीघाट, तिलवारा, भेड़ाघाट सहित नर्मदा के निचले क्षेत्रों के घाटों में पानी तेजी से बढ़ा। जलस्तर करीब चार फीट तक बढ़ने का अनुमान है। बांध के गेट खुलने का नजारा देखने के लिए पर्यटक भी पहुंचने लगे। नर्मदा किनारे बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन ने घाटों और तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।


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जलद्वार खुलते ही तेज खत्म हुआ सूखा

बरगी बांध प्रबंधन ने सुबह 11.30 बजे नौ जलद्वार औसतन 0.78 मीटर की ऊंचाई तक खोल दिए। जैसे ही बांध से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा गया बरगी बांध का वह एरिया भी जलमग्न हो गया जो बारिश न होने के कारण सूख चुका था और लोग वहां तक पहुंचकर जाया करते थे।

बांध के जलद्वार खोले जाने के समय जलस्तर 421.00 मीटर दर्ज किया गया। बांध की जल उपयोगी क्षमता 2730 एमसीएम यानी 85.85 प्रतिशत है, जबकि पानी की औसत आवक 1200 क्यूमेक बनी हुई है।

बांध से पानी की निकासी में गेटों के साथ पावर हाउस का पानी भी शामिल है। आरबीपीएच से 195 क्यूमेक और नौ गेटों से 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध प्रभारी के मुताबिक जलाशय में पानी की आवक और मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी को कभी भी घटाया या बढ़ाया जा सकता है।

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जलभराव क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में सुबह 8 बजे तक औसत 7.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बरगी बांध में पिछले वर्ष आज ही के दिन सुबह 8 बजे जलस्तर 420.20 मीटर था और क्षमता 2506 एमसीएम यानी 78.80 प्रतिशत थी।

नर्मदा घाटों पर बढ़ेगा पानी

बरगी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा के निचले क्षेत्र में स्थित घाटों पर चार फीट तक पानी बढ़ने की संभावना है। वहीं रात में जलस्तर और बढ़ सकता है। बांध प्रबंधन ने आम नागरिकों से नर्मदा के घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से नदी के किनारे जाने और पानी के बढ़ते बहाव के बीच स्नान या अन्य गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।

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जलद्वार खुलते ही निकली अथाह जलराशि, मोबाइल में किया कैद

बरगी बांध के नौ जलद्वार खुलते ही बांध परिसर में पानी के तेज बहाव का नजारा देखने के लिए पर्यटकों और आसपास के लोगों की आवाजाही बढ़ गई। जलद्वारों से निकलती पानी की धार और नर्मदा की ओर बढ़ते तेज प्रवाह को देखने के लिए लोग बांध के आसपास जुटे रहे। कई लोगों ने इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया।

मानसून में बरगी बांध के गेट खुलना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहता है। हालांकि पानी के तेज बहाव और सुरक्षा को देखते हुए परियोजना प्रशासन ने लोगों से जलद्वारों, नर्मदा घाटों और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। खासकर नदी के किनारे सेल्फी लेने या पानी के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है।

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