
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मंडला रोड पर स्थित गौर के सेंट अलायसियस स्कूल गौर में पढ़ाने वाला शिक्षक एक 17 वर्षीय छात्रा से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बातचीत करता था। उसके फोन पर अश्लील सामग्री भेजता था। उस पर मतांतरण का दबाव बना रहा था।
छात्रा के पिता की शिकायत पर गोराबाजार पुलिस ने आरोपित शिक्षक सैयद फैजान हुसैन के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की। पुलिस ने आरोपित स्टेट बैंक आफ इंडिया की तिलहरी शाखा के पीछे स्थित गौरव परिसर निवासी सैयद फैजान हुसैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। गुरुवार को न्यायालय के निर्देश पर आरोपित को केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।
आरोपित शिक्षक की करतूत की जानकारी हिंदू संगठन तक पहुंची। संगठन के पदाधिकारी, छात्रा और उसके स्वजन को लेकर पुलिस के पास पहुंचे। छात्रा के साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। आरोपित शिक्षक पर उसे मतांतरण के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया।
हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक धनराज सिंह ठाकुर, अभिषेक स्वामी, राजेश गुप्ता, प्रकाश चौकसे और नीरज पटेल ने मामले में तुरंत कार्यवाही की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपित को बुधवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित पर बीएनएस, पाक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपित शिक्षक और छात्रा की पहचान लगभग तीन वर्ष पूर्व हुई थी। बातों-बातों में शिक्षक ने छात्रा से उसका फोन नंबर ले लिया। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर छात्रा को मैसेज भेजना लगे। धीरे-धीरे उनके बीच चैट होने लगी और यह सिलसिला बढ़ता गया।
बातों में फंसाकर आरोपित छात्रा से उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें मांगने लगा। अश्लील वीडियो व संदेश भेजकर उसे परेशान करता था। बातचीत के दौरान छात्रा को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा भी देता था। उस पर कुछ समय से मतांतरण का दबाव बना रहा था।
आरोपित ने छात्रा को अपने मोबाइल नंबर को ‘मंगेतर’ नाम से सेव करने के लिए कहा था। बातचीत बढ़ने के बाद उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दुष्प्रेरित कर रहा था। कथित तौर पर आरोपित की ओर से छात्रा पर मतांतरण का दबाव बनाया गया। कुछ समय से वह घर में पूजन से किनारा कर रही थी।
कोई न कोई बहाने बनाकर पूजा एवं सनातन परंपरा की पालना से टालमटोल कर रही थी। इससे स्वजन को उस पर संदेह हुआ। उन्होंने उसके मोबाइल की जांच की तो शिक्षक के साथ हुई बातचीत और भेजी गई आपत्तिजनक सामग्री सामने आई। तब पुलिस में शिकायत की गई।