
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को बैंकिंग अवकाश है। ऐसे में तीन दिन तक लगातार बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इससे चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और बैंक शाखाओं से जुड़े अन्य जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं।
व्यापारियों को भी भुगतान और बैंकिंग लेन-देन के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ सकता है। बहरहाल हड़ताल और फिर दो दिन अवकाश के कारण चेक क्लियर होने की प्रक्रिया देरी होगी। बैंक शाखाओं से बड़ी रकम की निकासी और जमा करने की प्रक्रिया सोमवार को परेशान कर सकती है।
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की मौजूदा नीति में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को बैंक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिले की करीब 300 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा।
शाखाओं में ताले लटके रहे। बैंक बंद होने से ग्राहकों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में हड़ताल के कारण एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने का अनुमान है।
इस अवसर पर यूनियंस के जबलपुर इकाई के संयोजक अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा कि देश के बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी बैंकिंग व्यवस्था की रीढ़ हैं और देश की अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की व्यापक सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपने लंबित मुद्दों को लेकर बैंकिंग बिरादरी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि लंबित मुद्दों के सकारात्मक एवं शीघ्र निराकरण की अपेक्षा है, अन्यथा आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में एसबीआई अवार्ड स्टाफ एम्प्लाइज यूनियन के उप महासचिव प्रशांत खरे, चंदन कुमार, दीपशिखा पटेल, एचपी पटेल, प्रमोद बोरकर, विकास श्रीवास्तव, पंकज कुमार, आशीष खरे, तनिष्क सिंह, सहित विभिन्न बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैंक शाखाएं बंद रहने के कारण नकदी निकालने के लिए लोगों ने एटीएम का रुख किया। लेकिन हड़ताल के चलते कुछ जगह के एटीएम बंद रहे। जो दोपहर बाद खुले। एटीएम से नगद निकासी की होड़ में अचानक बढ़े दबाव के कारण कई एटीएम में कुछ ही समय में कैश खत्म हो गया।
यूपीआई और आनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहने से डिजिटल लेन-देन करने वाले ग्राहकों को राहत मिली। इससे रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों को राहत मिली। हालांकि नकद लेन-देन और शाखा से जुड़े जरूरी काम के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।