• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

टीईटी से छूट के अभ्यावेदन पर 60 दिन में निर्णय लें, शिक्षाकर्मी वर्ग-2 और वर्ग-3 को हाई कोर्ट से राहत

इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदन पर निर्णय की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 04:36:11 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 04:36:11 PM (IST)
टीईटी से छूट के अभ्यावेदन पर 60 दिन में निर्णय लें, शिक्षाकर्मी वर्ग-2 और वर्ग-3 को हाई कोर्ट से राहत
निर्धारित अवधि में अभ्यावेदन पर विचार कर अपना निर्णय देंगे। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. सक्षम प्राधिकारी को कारण सहित आदेश पारित करें
  2. टीईटी से स्वतः छूट मिलना नहीं माना जा सकता
  3. आदेश में कारण सहित निर्णय लेने की समय-सीमा तय

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट की मांग कर रहे शिक्षाकर्मी वर्ग-2 और वर्ग-3 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से राहत मिली है।

निर्णय कारण सहित आदेश के रूप में पारित करें

हाई कोर्ट ने संबंधित सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों की ओर से प्रस्तुत अभ्यावेदन पर 60 दिन के भीतर निर्णय लिया जाए। निर्णय कारण सहित आदेश के रूप में पारित करना होगा।

अभ्यावेदन पर निर्णय की मांग

मामले में याचिकाकर्ता शिक्षाकर्मियों की ओर से टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग उठाई गई थी। उनका पक्ष था कि उनकी नियुक्ति और सेवा से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखते हुए छूट के अभ्यावेदन पर विचार किया जाना चाहिए।

हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया

इस संबंध में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत अभ्यावेदन पर निर्णय की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

छूट पर अंतिम फैसला नहीं

हाई कोर्ट के निर्देश का आशय यह है कि संबंधित अधिकारी निर्धारित अवधि में अभ्यावेदन पर विचार कर अपना निर्णय देंगे। आदेश में अभ्यावेदन पर कारण सहित निर्णय लेने की समय-सीमा तय की गई है।

स्वतः छूट मिलना नहीं माना जा सकता

इसे टीईटी से स्वतः छूट मिलना नहीं माना जा सकता। शिक्षकों को वास्तविक राहत सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

यह भी पढ़ें- सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत छूट देने पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का अहम आदेश