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54 साल बाद जबलपुर में खुलेगा आयुर्वेद पीजी का रास्ता, तीन विषयों में 18 सीटें

चार करोड़ रुपये से पंचकर्म व लाइब्रेरी अपग्रेड और सात नए प्रोफेसरों की नियुक्ति के बाद अगस्त में एनसीआइएसएम के निरीक्षण ने रास्ता साफ किया।

By Alok BanerjeeEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 03:27:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 03:27:31 PM (IST)
54 साल बाद जबलपुर में खुलेगा आयुर्वेद पीजी का रास्ता, तीन विषयों में 18 सीटें
एनसीआइएसएम में संहिता सिद्धांत, रचना शरीर और द्रव्य गुण की छह-छह सीटें शामिल हैं।

HighLights

  1. एनसीआइएसएम की मंजूरी जल्‍द मिलेगी
  2. प्रदेश का चौथा सरकारी केंद्र बनेगा जबलपुर
  3. देशभर के विद्यार्थी ले सकेंगे यहां पर प्रवेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गौरीघाट स्थित 54 साल पुराने शासकीय आयुर्वेद काॅलेज में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पहली बार पीजी यानी एमडी की पढ़ाई शुरू होगी।

तीन विषयों में कुल 18 सीटों को मान्यता

नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम आफ मेडिसिन (एनसीआइएसएम) ने तीन विषयों में कुल 18 सीटों को मान्यता दी है। इनमें संहिता सिद्धांत, रचना शरीर और द्रव्य गुण की छह-छह सीटें शामिल हैं।

अक्टूबर में काउंसलिंग और नवंबर से कक्षाएं शुरू

प्रवेश अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी प्रवेश परीक्षा की मेरिट से होगा, जिससे देशभर के विद्यार्थी जबलपुर में पढ़ सकेंगे। अक्टूबर में काउंसलिंग और नवंबर से कक्षाएं शुरू होने की प्रस्तावित योजना है।

अब तक सिर्फ बीएएमएस की 60 यूजी सीटें थीं

खास बात यह है कि 1971 में स्थापित काॅलेज में अब तक सिर्फ बीएएमएस की 60 यूजी सीटें थीं और पीजी की मंजूरी के लिए आठ साल से प्रयास चल रहे थे। प्रोफेसर, अस्पताल के बेड, लैब और हर्बल गार्डन जैसी कमियों के कारण तीन निरीक्षणों में प्रक्रिया अटकी।

अगस्त में एनसीआइएसएम के निरीक्षण ने रास्ता साफ

इस साल चार करोड़ रुपये से पंचकर्म व लाइब्रेरी अपग्रेड और सात नए प्रोफेसरों की नियुक्ति के बाद अगस्त में एनसीआइएसएम के निरीक्षण ने रास्ता साफ किया।

  • 54 साल पुराने गौरीघाट आयुर्वेद काॅलेज में पहली बार पीजी की राह खुली।
  • सत्र 2025-26 से एमडी शुरू, एनसीआइएसएम ने तीन विषयों में 18 सीटों को मंजूरी दी।
  • संहिता सिद्धांत, रचना शरीर और द्रव्य गुण में 6-6 सीटें, प्रवेश अखिल भारतीय पीजी परीक्षा की मेरिट से।
  • देशभर के विद्यार्थी जबलपुर में आयुर्वेद की उच्च शिक्षा ले सकेंगे।
  • अक्टूबर में काउंसलिंग और नवंबर से कक्षाएं प्रस्तावित।

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