
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में सोमवार सुबह उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक चौकीदार कुलसचिव कार्यालय में पहुंच गया। कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल के अनुसार कर्मचारी नशे की हालत में था और उसने अभद्र व्यवहार करते हुए हाथापाई का प्रयास किया।
कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने चौकीदार रविन्द्र तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उसका मुख्यालय कटनी स्थित व्यंकटेश लाइब्रेरी निर्धारित किया गया है।
कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल ने कहा कि रविन्द्र तिवारी के खिलाफ पहले भी सहायक कुलसचिव से मारपीट का मामला सामने आ चुका है और इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि लगातार इस तरह की घटनाओं को देखते हुए इस बार कठोर कार्रवाई जरूरी थी। इसी आधार पर निलंबन के साथ उसका मुख्यालय भी कटनी किया गया है।
इसी बीच एक अन्य मामले में कुलसचिव कार्यालय ने कुलगुरु कार्यालय से जुड़े कर्मचारी गजेंद्र सिंह और जितेंद्र तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। दोनों कर्मचारी कुलगुरु कार्यालय में अटैच बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि कुलगुरु कार्यालय से जुड़े कर्मचारियों पर कार्रवाई से पहले कुलगुरु से चर्चा या अनुमोदन लिया जाना चाहिए था। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अलग से कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है।
कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि उनके कार्यालय में पदस्थ गजेंद्र सिंह और जितेंद्र तिवारी ने कुलसचिव से किसी तरह की अभद्रता नहीं की। उन्होंने बताया कि कुलसचिव लंबे अवकाश पर जाने वाले थे और 20 दिनों में केवल चार दिन ही कार्यालय में उपस्थित रहे।
अवकाश पर जाने से पहले सेडमैप के अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कराने के लिए उन्होंने अपने निर्देश पर 11 सितंबर को दोनों कर्मचारियों को कुलसचिव के पास भेजा था। उनके अनुसार यह अनुबंध पूर्व में भी किया जा चुका था और दोनों कर्मचारी इसी संबंध में आग्रह करने गए थे। कर्मचारियों ने भी बताया कि उन्होंने किसी तरह की अभद्रता नहीं की थी।
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