
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने डिंडौरी जिले के सेवानिवृत्त पंचायत सचिवों की पुरानी पेंशन और नियमितीकरण के पूर्व की सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी मानने संबंधी याचिका का निराकरण करते हुए राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 15 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ नए सिरे से अभ्यावेदन प्रस्तुत करने तथा सक्षम प्राधिकारी को उस पर तीन माह के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने कहा है।
मामले में डिंडौरी जिले के गीत सिंह पारासर एवं अन्य ने याचिका दायर कर नियमितीकरण के पूर्व की अपनी सेवा को सेवानिवृत्ति एवं पेंशन लाभ के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल करने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने की मांग की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विष्णु देव सिंह चौहान ने पैरवी की। राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुमित रघुवंशी उपस्थित हुए। याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक प्रकरण में आठ सितंबर 2026 को पारित आदेश का हवाला दिया गया।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से बताया गया कि सक्षम प्राधिकारी अभ्यावेदन का विधि के अनुसार परीक्षण करेगा और उसके परिणाम से याचिकाकर्ताओं को अवगत कराया जाएगा।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भरोसा किए गए दस्तावेजों के साथ सक्षम प्राधिकारी के समक्ष नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करें।
यदि अभ्यावेदन 15 दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में तीन माह के भीतर वस्तुनिष्ठ परीक्षण कर कारणयुक्त आदेश पारित करना होगा। यदि याचिकाकर्ता पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें नियमानुसार लाभ दिया जाए।