
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पेट की तकलीफ के बाद मां को पनागर से लेकर बेटा शैल्वी अस्पताल पहुंचा। उपचार के 6 घंटे बाद मरीज की जान चली गई। मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बॉडी देने में भी आनाकानी करता रहा।
यह मामला नगर के विजयनगर स्थित शैल्वी हॉस्पिटल का है जहां बिजोरा गांव पनागर निवासी जितेंद्र पटेल अपनी माता भगवती पटेल को लेकर पहुंचे थे।
पटेल परिवार का आरोप है कि मरीज के पेट में तकलीफ थी जांच के बाद अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आशीष तिवारी ने हार्ट ब्लॉक की शिकायत बताकर सर्जरी कर दी। सर्जरी के कुछ घंटे बाद ही मरीज की मौत हो गई।
पटेल परिवार को जैसे ही माता के न रहने की जानकारी मिली अस्पताल में हंगामा कर दिया सूचना पर क्षेत्रीय थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई खबर लेकर जाने तक बॉडी पटेल परिवार को सुपुर्द नहीं की गई है।
इस संबंध में बेटे जितेंद्र ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों को जैसे ही पता चला कि हमारा बीमा क्लेम है तो उन्होंने बिल बनाने के चक्कर में सर्जरी कर दी और ढाई लाख का बिल बना दिया पटेल परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।
इस संबंध में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आशीष तिवारी का कहना है कि हमने तो सफल सर्जरी की और मरीज की जान बचाने का भरपूर प्रयास किया प्रयास किया।
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