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QR Code स्कैन कर पुलिसकर्मी ने खरीदी दवा, खाते से उड़ गए 3.02 लाख, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन संबंधित थाना प्रभारी ने उसे अवैध रूप से छोड़ दिया।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 09:24:34 PM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 09:24:34 PM (IST)
QR Code स्कैन कर पुलिसकर्मी ने खरीदी दवा, खाते से उड़ गए 3.02 लाख, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
सब-इंस्पेक्टर की गुहार पर हाई कोर्ट ने तलब किया जवाब।

HighLights

  1. न्यायमूर्ति प्रमोद अग्रवाल की एकलपीठ का बड़ा एक्शन
  2. उपनिरीक्षक जुल्फिकार अली की याचिका पर नोटिस जारी
  3. सब-इंस्पेक्टर की गुहार पर हाई कोर्ट ने तलब किया जवाब

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने भोपाल के हर्बल मेले में दवा खरीदने के दौरान कथित साइबर ठगी का शिकार हुए एक पुलिस उपनिरीक्षक की याचिका पर जवाब तलब कर लिया है। मामले में राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

बिना ओटीपी खातों से साफ हुए ₹3.02 लाख

याचिकाकर्ता भोपाल निवासी जुल्फिककार अली खान की ओर से अधिवक्ता मनीष वर्मा, विनोद सिसोदिया व निधि सोनकर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि उपनिरीक्षक ने 1,500 रुपये की दवाएं खरीदी थीं। भुगतान के दौरान क्यूआर कोड काम नहीं करने पर दुकानदार ने उनका मोबाइल लेकर दूसरे क्यूआर कोड से भुगतान कराया।


आरोप है कि इसके बाद मोबाइल अपने सहयोगी को दिया गया, जिसने कथित रूप से फोन से छेड़छाड़ की। कुछ ही देर में एसबीआई के दोनों खातों से ओटीपी आधारित सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद 3.02 लाख रुपये निकलने के लगातार संदेश आने लगे।

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थाना प्रभारी पर आरोपी को छोड़ने का आरोप

याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन संबंधित थाना प्रभारी ने उसे अवैध रूप से छोड़ दिया। मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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