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किश्तों में रिश्वत ले रहे थे बिजली विभाग के बड़े साहब, ₹25 हजार की दूसरी किस्त लेते 2 इंजीनियरों को EOW ने दबोचा

जबलपुर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सोमवार को मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

By Deepankar RoyEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 08:31:04 PM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 08:31:04 PM (IST)
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किश्तों में रिश्वत ले रहे थे बिजली विभाग के बड़े साहब, ₹25 हजार की दूसरी किस्त लेते 2 इंजीनियरों को EOW ने दबोचा
प्रहलाद मर्सकोले और चंद्रशेखर मेहरा EOW की गिरफ्त में।

HighLights

  1. 10 लाख के बिल भुगतान के लिए ठेकेदार से मांगी थी घूस
  2. प्रहलाद मर्सकोले और चंद्रशेखर मेहरा EOW की गिरफ्त में
  3. जूनियर इंजीनियर भवन निर्माण के एवज में ले रहे थे रिश्वत

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने सोमवार को मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई रामपुर स्थित सिविल सर्किल कार्यालय में की गई।

अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल) प्रहलाद मर्सकोले को 10 हजार रुपये और कार्यपालन यंत्री (सिविल) चंद्रशेखर मेहरा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। दोनों अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

₹10 लाख के भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत

गुप्तेश्वर निवासी ठेकेदार अशोक कुमार द्विवेदी ने कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के ग्राम बचैया में जूनियर इंजीनियर कार्यालय भवन का निर्माण कार्य किया था। इसके लगभग 10 लाख रुपये के भुगतान के एवज में अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगी जा रही थी। कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा ने 20 हजार रुपये एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रहलाद मर्सकोले ने 30 हजार रुपये की मांग की थी। परेशान होकर ठेकेदार ने ईओडब्ल्यू से शिकायत की।


ईओडब्ल्यू ने बिछाया जाल

सत्यापन में शिकायत की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा ठेकेदार से पहले ही पांच हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था। इसके बाद शेष राशि दिलाने के लिए ईओडब्ल्यू ने ट्रैप की योजना बनाई।

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कार्यालय में रंगे हाथ दबोचे गए दोनों अधिकारी

सोमवार को ठेकेदार तय योजना के अनुसार रामपुर स्थित कार्यालय पहुंचा। यहां उसने रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रहलाद मर्सकोले को 10 हजार रुपये और कार्यपालन यंत्री चंद्रशेखर मेहरा को 15 हजार रुपये दिए।

जैसे ही दोनों अधिकारियों ने रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद ईओडब्ल्यू टीम ने उन्हें कार्यालय में ही रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है एवं रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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