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एमपी में बिजली संकट होगा दूर, सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की नई इकाई की तैयारी तेज, पर्यावरण मंत्रालय से मांगी मंजूरी

प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर र...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 09:45:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 09:45:08 PM (IST)
एमपी में बिजली संकट होगा दूर, सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की नई इकाई की तैयारी तेज, पर्यावरण मंत्रालय से मांगी मंजूरी
सारणी-अमरकंटक में 23 हजार करोड़ का निवेश।

HighLights

  1. सारणी-अमरकंटक में 23 हजार करोड़ का निवेश
  2. MPPGCL बढ़ाएगी 1320 मेगावाट उत्पादन क्षमता
  3. इकाई के लिए पर्यावरण मंत्रालय से मांगी मंजूरी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की एक अतिरिक्त इकाई स्थापित करने की तैयारी आगे बढ़ गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और इसे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ) से पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को सरकार के समक्ष भेजा जाएगा।

660 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की योजना

इस परियोजना के तहत फिलहाल भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के माध्यम से 660 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की योजना है। हालांकि परियोजना को किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के माध्यम से स्थापित किया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होगी।


एमपीपीजीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम ने बताया कि कंपनी का प्रयास है कि परियोजना को तेजी से जमीनी स्तर पर लाया जाए। एमओईएफ से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सारणी में दो नई इकाइयों की योजना

सारणी ताप विद्युत गृह में पहले से 250-250 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इसके अलावा प्रदेश में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना के तहत सारणी में 660 मेगावाट की नई इकाई स्थापित करने की तैयारी चल रही थी। अब एक और 660 मेगावाट की अतिरिक्त इकाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इससे सारणी में कुल 1320 मेगावाट की नई क्षमता जोड़ने का रास्ता साफ हो सकता है।

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अमरकंटक और सारणी पर 23 हजार करोड़ का निवेश

प्रदेश में अगले वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अमरकंटक और सारणी ताप विद्युत गृह में 660-660 मेगावाट की नई इकाइयां स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कुल 1320 मेगावाट नई उत्पादन क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है। दोनों परियोजनाओं पर करीब 23 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच नई इकाइयों से प्रदेश की उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।