• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

आयुष्मान योजना पर MP में निजी अस्पतालों की हड़ताल टली, लेकिन करोड़ों के बकाये पर पेंच बरकरार

जबलपुर सहित प्रदेश के निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत प्रस्तावित हड़ताल टाल दी है। हालांकि, करोड़ों के बकाया और 7 अस्पतालों के बाहर होने से मर...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 03:48:14 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 03:48:14 PM (IST)
आयुष्मान योजना पर MP में निजी अस्पतालों की हड़ताल टली, लेकिन करोड़ों के बकाये पर पेंच बरकरार
आयुष्मान योजना पर MP में निजी अस्पतालों की हड़ताल टली। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत हड़ताल टाली।
  2. जल्द भुगतान और नियमों में छूट का मिला सरकारी आश्वासन।
  3. जबलपुर के 70 अस्पतालों का 50 करोड़ से ज्यादा बकाया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत मरीजों के कैशलेस इलाज पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है, लेकिन राहत अधूरी है। जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के निजी अस्पताल आठ अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले थे। भोपाल में सात और आठ अक्टूबर को आयुष्मान विभाग के सीईओ तथा दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद के साथ लंबी बातचीत के बाद हड़ताल टाल दी गई। अस्पतालों ने इलाज जारी रखने का फैसला लिया है।

सरकार ने भुगतान प्रक्रिया तेज करने और नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स (एनएबीएच) प्रमाणपत्र की अनिवार्यता से फिलहाल छूट देने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद भुगतान और अस्पतालों की पात्रता को लेकर विवाद बरकरार है। जबलपुर के करीब 70 निजी अस्पतालों का 50 से 60 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा है, जबकि एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश स्तर पर पोर्टल-1 में 1200 करोड़ और पोर्टल-2 में 1500 करोड़ रुपये अटके हैं।


दूसरी ओर, विभाग जून से अब तक 650 करोड़ रुपये का भुगतान क्लियर करने की जानकारी दे रहा है। उल्लेखनीय है कि मप्र नर्सिंग होम एसोसिएशन की जबलपुर शाखा से 111 अस्पताल संबद्ध हैं और ये सभी आयुष्मान योजना से जुड़े हैं।

आंकड़ों में जबलपुर

प्रदेश में करीब 4.5 करोड़ लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है। जबलपुर जिले में लगभग 111 निजी अस्पताल आयुष्मान से जुड़े थे, अब सात हटने के बाद 106 अस्पतालों में ही सुविधा बची है। शहर के बड़े निजी अस्पतालों में मेट्रो, सुखसागर, महाकोशल, जबलपुर हास्पिटल आदि में आज आयुष्मान काउंटर पर मरीज आ रहे हैं। लेकिन जिन सात अस्पतालों को लिस्ट से हटाया गया है, वहां आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद हो गया है।

ये मुख्य बिंदु सरकार के सामने रखे गए

30 दिन के भीतर भुगतान की गारंटी और टेक्निकल कारणों से रिजेक्ट क्लेम का लिखित कारण बताना। एनएबीएच को अनिवार्य की जगह इंसेंटिव बेस्ड करना, जैसा पहले था।, पैकेज रेट का रिवीजन।

फिलहाल छूट

  • सरकार ने आश्वासन दिया है कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और आदिवासी बहुल जिलों को एनएबीएच से फिलहाल छूट दी गई है। लेकिन जबलपुर सहित चार महानगरों में एनएबीएच से पीछे नहीं हटने के संकेत दिए हैं।
  • मतलब साफ है जबलपुर में आयुष्मान इलाज फिलहाल चल रहा है, हड़ताल टल गई है, लेकिन भुगतान का पेंच और 7 अस्पतालों के बाहर होने से मरीजों की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

मरीज क्या बोल रहे हैं

पोर्टल में दिक्कत: बरेला से आए सुनील पटेल ने बताया, "पिता का हर्निया आपरेशन कराना है। आयुष्मान कार्ड है। पहले जिस अस्पताल में दिखाया, वहां कहा गया कि आयुष्मान बंद है, दूसरे अस्पताल भेज दिया। यहां आए तो कहा 2 दिन बाद आना, पोर्टल में दिक्कत है।

पैकेज अप्रूवल में समय लग रहा : गौरीघाट की रहने वाली रेखा बर्मन बोलीं, "मेरे पति को सांस की तकलीफ है। रसल चौक स्थित अस्पताल गए तो कार्ड को लेकर दिक्कत आई तो जिला अस्पताल के आयुष्मान कक्ष भेज दिया गया। यहां पात्रता पर्ची को लेकर आयुष्मान काउंटर पर आधे घंटे लाइन में लगी रही। बताया गया कि आपका कार्ड तो ठीक है, पर पैकेज अप्रूवल में समय लगेगा। पहले तो तुरंत हो जाता था।

पात्रता पर्ची के लिए घंटों इंतजार: आयुष्मान योजना में इलाज को लेकर सबसे बड़ी अड़चन पैकेज या भुगतान नहीं, बल्कि आयुष्मान की पात्रता पर्ची बन गई है। निजी अस्पतालों में आने वाले 100 में से 30-40 मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

भुगतान में भारी देरी

जबलपुर के प्राइवेट अस्पतालों का आरोप है कि आयुष्मान के तहत किए गए इलाज का पैसा 5-6 महीने से नहीं मिला है।, जबलपुर के करीब 70 निजी अस्पतालों का 50 से 60 करोड़ रुपये बकाया है।, पूरे प्रदेश में यह बकाया 1200 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।एसोसिएशन के मुताबिक पोर्टल-1 में 1200 करोड़ और पोर्टल-2 में 1500 करोड़ रुपये अटके हुए हैं।

सरकार का पक्ष

आयुष्मान विभाग का कहना है कि जून से अब तक 650 करोड़ रुपये का भुगतान क्लीयर किया गया है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर के छोटी लाइन फाटक के पास डीजे बंद कराने पर विवाद, विरोध में सड़क जाम