Railway Protection Force: महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा महत्वपूर्ण, स्थापना दिवस में रेल सुरक्षा बल ने किया जागरूक
रेलवे सुरक्षा बल का स्थापना दिवस समारोह सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें 20 से 27 सितंबर तक विभिन्न आयोजन किए जा रहेे हैं। ...और पढ़ें
By Ravindra SuhaneEdited By: Ravindra Suhane
Publish Date: Wed, 22 Sep 2021 12:49:53 PM (IST)Updated Date: Wed, 22 Sep 2021 12:49:53 PM (IST)

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे सुरक्षा बल का स्थापना दिवस समारोह सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें 20 से 27 सितम्बर तक विभिन्न आयोजन किए जा रहेे हैं। इसमें रेल में सफर करने वाले यात्रियों को जहर खुरानी के बारे में सतर्क किया गया, साथ ही महिलाओं और बच्चों को यह बताया कि यदि उन्हें कोई समस्या होती है, तो वह रेलवे सुरक्षा बल से किन नंबरों पर संपर्क कर सकते है।इसके अलावा अन्य विशेष जानकारियां दी गई। इसमें महिलाओं और बच्चों को टोल फ्री नंबर भी वितरित किए गए, जिसमें संपर्क कर अपनी समस्या बता सकते है।
आरपीएफ कमांडेंट अरूण ित्रपाठी ने बताया कि रेल सुरक्षा बल जबलपुर मंडल की सभी पोस्ट जिसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, कटनी, सतना, पिपरिया, दमोह और आउट पोस्टो के द्वारा महिला एवं बालकों के संरक्षण और बचाव के बारें में जागरूकता अभियान चलाया गया। प्लेटफार्म में यात्री गाडियों के आने पर यात्रियों को जहरखुरानी, चेन पुलिंग तथा यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर पंपलेट वितरित किए गए। इसके अलावा रेल सुरक्षा बल के अधिकारी, कर्मचारियों ने मेगाफोन से उद्घोषणा कर यात्रियों को जागरूक किया। महिला एवं बालकों के संरक्षण और बचाव के लिए एनजीओ चाइल्ड लाइन के साथ जागरूकता अभियान चलाया गया और समन्वय बैठक आयोजित की गई।
शिक्षकों से बातचती कर अनाथ बच्चों की ली सुध: निरीक्षक जबलपुर ने जागृति केन्द्र में जाकर अनाथ बच्चों व उनके शिक्षकों से बातचीत कर उनके पालन पोषण और पढाई तथा उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। वहीं फल भी वितरित किए गए। स्टेशन पर बाल अधिकारिता विभाग एवं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्यों के साथ निरीक्षक रेल सुरक्षा बल द्वारा रेल के संपर्क में आए महिला एवं बालकों के संरक्षण और बचाव के लिए संगोष्ठी आयोजित की गई। वहीं कटनी स्टेशन पर सहायक सुरक्षा आयुक्त द्वितीय सुरेश मिश्रा, निरीक्षक आरके भास्कर ने कटनी में रेल यात्रा के दौरान महिला एवं बालकों के संरक्षण एवं बचाव के उपायों पर बाल संरक्षण अधिकारी से चर्चा की गई तथा वर्तमान में चल रहे अभियान को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया।