
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पनागर में सूने मकान में हुई लाखों रुपये के जेवर की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से करीब 30 तोला सोने के जेवर, चांदी के आभूषण, वारदात में इस्तेमाल आटो, सब्बल और ऑटो का हुड बरामद किया है।
जांच में सामने आया कि आरोपित पहले सूने मकान की निगरानी कर रहे थे और फिर रात के अंधेरे में वारदात को अंजाम दिया। अधारताल नगर पुलिस अधीक्षक राजेश्वरी कौरव एवं पनागर थाना प्रभारी डीएसपी विपिन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में गिरफ्तार आरोपितों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले में पनागर के ग्राम केवलारी निवासी अभिषेक चौबे उर्फ गुड्डू (35), उसके भाई आशीष चौबे (36), आशीष की पत्नी ज्योति चौबे (32) है।
लमती निवासी गगन शर्मा का पनागर में घर है। 11 सितंबर की रात वह परिवार को ट्रेन में बैठाने रेलवे स्टेशन गए थे। घर में ताला लगा था। अगले दिन पड़ोसी ने शटर का कुंदा टूटे होने की सूचना दी। घर पहुंचने दो आलमारियों के लाक और लाकर टूटे थे। उनमें रखे सोने-चांदी के जेवर गायब थे।
चोरी की घटना के आरोपितों की तलाश में पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान पनागर-जबलपुर मुख्य मार्ग के फुटेज में एक नीला आटो संदिग्ध नजर आया। वारदात वाले दिन मध्यरात्रि करीब 1:04 बजे यही आटो गगन शर्मा के घर के सामने रुका और टार्च की रोशनी दिखाई दी। आटो के हुड पर लगे कैप्री गोल्ड लोन के विज्ञापन से पुलिस को उसकी पहचान करने में अहम सुराग मिला।
जांच में आटो का संबंध केवलारी निवासी आशीष चौबे से मिला। दबिश के दौरान आशीष और उसका भाई अभिषेक घर पर नहीं मिले। आशीष के गाडरवारा और अभिषेक के बिहार में होने का पता चला। बाद में अभिषेक को बिहार से लौटते समय पकड़ा गया। पूछताछ में उसने वारदात स्वीकार की।
पुलिस ने आशीष की पत्नी ज्योति से पूछताछ की तो उसने घर में छिपाकर रखे जेवरों की जानकारी दी। आशीष के लिए पूछने पर ज्योति ने उसे अस्पताल में भर्ती होना बताया, लेकिन पुलिस पहुंचने के पहले ही वह वहां से भाग गया। बाद में पुलिस ने आशीष को उसकी बहन के घर जाते समय दबोच लिया।
आरोपित चोरी के बाद जेवर एवं अन्य सामग्री को जिस आटो में रखकर ले गए थे, वह छानबीन में आशीष की पत्नी ज्योति के गोसलपुर निवासी भाई दुर्गेश तिवारी का होना पाया गया।
पूछताछ में आरोपित आशीष ने बताया कि वह नशे का आदी है और दो दिन तक मकान की निगरानी करने के बाद भाई अभिषेक के साथ आटो से पहुंचा था। चोरी के बाद जेवर ज्योति को छिपाने के लिए दिए गए थे। आशीष के खिलाफ पूर्व में मारपीट, चोरी और एक्सीडेंट के चार मामले दर्ज बताए गए हैं।
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