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सेवानिवृत्त IPS अधिकारी से 11.61 लाख की वसूली पर रोक, केंद्र व मप्र शासन से मांगा जवाब

अधिकरण ने चार अगस्त 2026 को वसूली पर रोक लगाते हुए भारत सरकार, रीवा एसपी और मध्य प्रदेश शासन से जवाब मांगा है। वेतन निर्धारण में गलत जानकारी देने का क...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 12:40:11 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 12:40:11 PM (IST)
सेवानिवृत्त IPS अधिकारी से 11.61 लाख की वसूली पर रोक, केंद्र व मप्र शासन से मांगा जवाब
राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई और पेंशन से कटौती की चेतावनी दी। सौजन्‍य

HighLights

  1. कैट जबलपुर ने रीवा एसपी के आदेश पर लगाई रोक
  2. अप्रैल 2026 में वसूली आदेश जारी किया गया था
  3. 2024 में रीवा के पुलिस महानिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डा. महेंद्र सिंह सिकरवार के विरुद्ध की जा रही 11 लाख 61 हजार 885 रुपये की वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

रीवा के पुलिस अधीक्षक ने वसूली आदेश जारी किया था

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे, सोनाली पांडे और प्रथमेश पगारे ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि डा. सिकरवार वर्ष 2024 में रीवा के पुलिस महानिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके विरुद्ध अप्रैल 2026 में रीवा के पुलिस अधीक्षक ने वसूली आदेश जारी किया था।

कनिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का वेतन अधिक निर्धारित हो गया था

याचिका के अनुसार, वर्ष 2012 में डा. सिकरवार से कनिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का वेतन अधिक निर्धारित हो गया था। इस वेतन विसंगति को दूर करने के लिए उन्होंने अपने नियोक्ता को अभ्यावेदन दिया था।

अंतर की राशि का एरियर भी भुगतान किया गया

इसके बाद उनका वेतन वर्ष 2012 से पुनर्निर्धारित किया गया तथा अंतर की राशि का एरियर भी भुगतान किया गया। बाद में पुलिस अधीक्षक, रीवा ने 11,61,885 रुपये की वसूली निकालते हुए राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई और पेंशन से कटौती की चेतावनी दी।


केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर में चुनौती दी

डा. सिकरवार ने इसे अधिकार क्षेत्र से परे बताते हुए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर में चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि आईपीएस अधिकारी के नियोक्ता भारत सरकार का गृह मंत्रालय तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग हैं।

वेतन निर्धारण में गलत जानकारी देने का आरोप नहीं

अधिकरण ने चार अगस्त 2026 को वसूली पर रोक लगाते हुए भारत सरकार, रीवा एसपी और मध्य प्रदेश शासन से जवाब मांगा है। वेतन निर्धारण में गलत जानकारी देने का कोई आरोप नहीं है।

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