• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

अब गांव में ही मुफ्त मिलेगा संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज, आज से जबलपुर में लगेंगे शिविर

खास बात यह है कि दस्तावेज बनवाने के लिए ग्रामीणों को बार-बार जिला या पंजीयन कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। ग्रामीणों को स्टांप शुल्क, पंज...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 10:44:38 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 10:44:38 PM (IST)
अब गांव में ही मुफ्त मिलेगा संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज, आज से जबलपुर में लगेंगे शिविर
सत्यापन के बाद पंजीयन के लिए प्रकरण तहसीलदार के पास भेजा जाएगा। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. स्वामित्व योजना में घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन करें
  2. तहसीलदार और नायब तहसीलदार को मिले उपपंजीयक के अधिकार
  3. पटवारी सारा एप के माध्यम से जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गांव में अपनी जमीन या मकान पर वर्षों से काबिज ग्रामीणों के लिए राहत की खबर है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में सर्वेक्षण के बाद जिन लोगों के नाम भू-अभिलेख में संपत्ति के अधिकार दर्ज हो चुके हैं, उन्हें अब अपनी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक साबित करने वाला पंजीकृत दस्तावेज निशुल्क मिलेगा।

स्वामित्व दस्तावेज के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी

गांव में ही शिविर लगाकर आवेदन और दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए पहली बार तहसीलदार और नायब तहसीलदार को उपपंजीयक के अधिकार दिए गए हैं। इससे स्वामित्व दस्तावेज के पंजीयन की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी हो सकेगी।


एमपीई सेवा से करना होगा आवेदन

स्वामित्व योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीणों को सबसे पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका नाम संबंधित संपत्ति के भू-अभिलेख में दर्ज है और उनकी आधार ई-केवायसी पूरी है। इसके साथ ही समग्र में पंजीयन होना और समग्र आईडी से आधार का जुड़ा होना जरूरी होगा।

संपदा एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन करेंगे

भूस्वामी एमपीईसेवा एप के माध्यम से घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने में असमर्थ ग्रामीणों के लिए पटवारी आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में मदद करेंगे। आवेदन के बाद पटवारी सारा एप के माध्यम से जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद पंजीयन के लिए प्रकरण तहसीलदार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद तहसीलदार संपदा एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन करेंगे।

आवेदन से पहले

  • ग्रामीणों को आवेदन करने से पहले कुछ जरूरी बातें पूरी कर लेनी चाहिए।
  • सबसे पहले भूस्वामी का समग्र में पंजीयन और आधार ई-केवायसी होना जरूरी है।
  • भू-अभिलेख में दर्ज संपत्ति के भूस्वामी की भी आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगी।
  • गवाह की आवश्यकता होने पर गवाह का भी समग्र पंजीयन और आधार ई-केवायसी होना जरूरी होगा।
  • भूस्वामी और गवाह के पास समग्र आईडी और आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर भी होना चाहिए।

पैसा नहीं, पर सावधानी भी जरूरी

योजना के तहत निर्धारित स्टांप शुल्क, पंचायत उपकर और पंजीयन संबंधी खर्च शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसलिए ग्रामीणों को इस प्रक्रिया के लिए किसी अनधिकृत व्यक्ति को शुल्क देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई व्यक्ति योजना के नाम पर अनावश्यक राशि की मांग करता है तो ग्रामीण उससे रसीद और शुल्क का आधार जरूर पूछें।

संपत्ति पर कानूनी अधिकार का महत्वपूर्ण प्रमाण होगा

पंजीकृत स्वामित्व दस्तावेज ग्रामीण के लिए संपत्ति पर कानूनी अधिकार का महत्वपूर्ण प्रमाण होगा। इससे संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित होंगे। भविष्य में संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने जैसी वित्तीय जरूरतों में भी दस्तावेज उपयोगी हो सकता है। संपत्ति के अधिकार को लेकर होने वाले विवादों में भी पंजीकृत दस्तावेज महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के रूप में काम आएगा।

ये प्रक्रिया समझ लें

पहले जांचें: भू-अभिलेख में आपका नाम और संपत्ति का विवरण दर्ज है या नहीं।

ई-केवायसी कराएं: समग्र और आधार की ई-केवायसी पूरी रखें।

मोबाइल नंबर देखें: समग्र और आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर होना चाहिए।

आवेदन करें: एमपीईसेवा एप से स्वयं आवेदन करें या शिविर में पटवारी की मदद लें।

सत्यापन होगा: पटवारी सारा एप पर आवेदन और संपत्ति की जानकारी का सत्यापन करेंगे।

पंजीयन होगा: सत्यापन के बाद तहसीलदार संपदा एप के माध्यम से दस्तावेज का पंजीयन करेंगे।

यह भी पढ़ें- MP में MBBS बांड आवंटन में धांधली; पहली रैंक वाली छात्रा पहुंची 2550वें नंबर पर, मामला हाई कोर्ट पहुंचा