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जबलपुर के शैल्बी अस्पताल का पंजीयन निलंबित, आग लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पंकज मिश्रा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. नवीन कोठारी की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया...और पढ़ें

By Alok BanerjeeEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 11:05:25 PM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 11:05:25 PM (IST)
जबलपुर के शैल्बी अस्पताल का पंजीयन निलंबित, आग लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मरीजों के स्वजनों के आरोपों के अनुसार, घटना के समय अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था। नईदुनिया

HighLights

  1. घटना की सूचना तत्काल देना अनिवार्य, नहीं दी
  2. यह आपकी बरती गई घोर लापरवाही को दर्शाता
  3. फायर अलार्म सिस्टम पूरी तरह से निष्क्रिय पाया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । शहर के विजयनगर स्थित शैल्बी अस्पताल का पंजीयन तत्काल प्रभाव से मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग गाड़ी बस आग लगने की घटना के बाद पटल पर है सख्त कार्रवाई की है।

अस्पताल प्रबंधन में आज की सूचना को नहीं थी

इस संबंध में सीएमएचओ ने कहा कि खेद का विषय है कि नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के अनुसार ऐसी किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना तत्काल इस कार्यालय को देना अनिवार्य है, परंतु आपके अस्पताल प्रबंधन द्वारा इस कार्यालय को न तो कोई लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया और न ही ई-मेल, दूरभाष अथवा किसी अन्य माध्यम से सूचना दी गई। यह आपके द्वारा बरती गई घोर लापरवाही को दर्शाता है।


मरीज को बाहर निकलने में भी लापरवाही

मरीजों के स्वजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, घटना के समय अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल था। अस्पताल का फायर अलार्म सिस्टम पूरी तरह से निष्क्रिय पाया गया, जिसके कारण समय पर मरीजों को सचेत नहीं किया जा सका। साथ ही अस्पताल के प्रबंधक एवं कर्मचारियों द्वारा मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में अपेक्षित सहयोग प्रदान नहीं किया गया, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई थी।

फायर सेफ्टी में अनेक खामियां

अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पंकज मिश्रा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी द्वारा किए गए संयुक्त आकस्मिक निरीक्षण में भी फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां पाई गई हैं। निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि फायर एक्जिट गेट पर सामान रखा था, कई सिलेंडर एक्सपायरी डेट के पाए गए और इलेक्ट्रिकल पैनल में भी अनियमितता मिली है।

मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता

अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके परिजनों एवं कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस घटना से आपके अस्पताल की अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह उत्पन्न होते हैं।

मरीजों की सुरक्षा एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुए, मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आपके अस्पताल का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

तीन दिवस के भीतर नगर निगम जबलपुर के अधीक्षक/फायर ऑफिसर से अपने अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण कराएंगे तथा किसी अधिकृत फायर ऑडिट इंजीनियर से सत्यापित फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट एवं वैध फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र इस कार्यालय में प्रस्तुत करने कहा गया है

विद्युत सुरक्षा का भी प्रमाण पत्र मांगा

मध्यप्रदेश विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारी से अस्पताल की संपूर्ण विद्युत व्यवस्था, वायरिंग, अर्थिंग एवं लोड का स्थलीय निरीक्षण एवं इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराकर संतोषजनक विद्युत सुरक्षा निरीक्षण रिपोर्ट एवं प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे।

नए मरीज भर्ती नहीं होंगे

निलंबन अवधि के दौरान आपके अस्पताल में किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा। वर्तमान में भर्ती मरीजों का समुचित उपचार, देखभाल सुनिश्चित करते हुए चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार उन्हें सुरक्षित डिस्चार्ज अथवा आवश्यकतानुसार अन्य उपयुक्त अधिमान्य चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित करने की संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी।

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