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एमपी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत, हाई कोर्ट ने सरकार की अपील की खारिज, पूर्व फैसलों के आधार पर राहत बरकरार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा में बहाली से जुड़े मामले में राज्य शासन की रिट अपील निरस्त कर दी है।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 09:24:46 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 09:24:46 PM (IST)
एमपी में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को राहत, हाई कोर्ट ने सरकार की अपील की खारिज, पूर्व फैसलों के आधार पर राहत बरकरार
सुप्रीम कोर्ट से SLP निरस्त होने के बाद हाई कोर्ट का फैसला।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट से SLP निरस्त होने के बाद हाई कोर्ट का फैसला
  2. दुर्गेश कुमार सोनी व अन्य कर्मचारियों के पक्ष में आया आदेश
  3. पूर्व न्यायिक मिसालों को आधार मानकर खारिज की अपील

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा में बहाली से जुड़े मामले में राज्य शासन की रिट अपील निरस्त कर दी है। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने 28 सितंबर 2026 को पारित आदेश में कहा कि संबंधित कानूनी विवाद पर पूर्व में दिए गए निर्णय के सिद्धांत वर्तमान मामले में भी लागू होंगे।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी ने पैरवी की, जबकि राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता पीयूष जैन उपस्थित हुए। मामला दुर्गेश कुमार सोनी सहित अन्य से संबंधित है।

राज्य शासन की रिट अपील पर हाई कोर्ट का फैसला

हाई कोर्ट की एकलपीठ ने 10 सितंबर 2025 को याचिका स्वीकार करते हुए कर्मचारियों के पक्ष में आदेश पारित किया था। इसके विरुद्ध राज्य शासन ने रिट अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि समान मुद्दे पर हाई कोर्ट की समन्वय पीठ 17 जनवरी 2025 को अपील में निर्णय दे चुकी है।


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राज्य शासन ने उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन विशेष अनुमति याचिका को 21 सितंबर 2026 को निरस्त कर दिया गया था। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने वर्तमान अपील भी निरस्त कर दी।