
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। त्योहार के बीच कठौंदा के पटाखा थोक कारोबारियों के स्थायी लाइसेंस निरस्त किए जाने के बाद अब प्रशासन राहत देने पर विचार कर रहा है। पूर्व कलेक्टर के कार्यकाल में 51 व्यापारियों के लाइसेंस रद किए गए थे।
अगले ही दिन अधारताल एसडीएम और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। व्यवस्थाएं बेहतर पाए जाने के बाद नवागत कलेक्टर के स्तर पर तय सुरक्षा शर्तें पूरी होने पर लाइसेंस बहाल करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
लाइसेंस निरस्तीकरण से कारोबारियों को त्योहार के समय बड़ा झटका लगा था और कारोबार प्रभावित होने की आशंका बनी थी। अब प्रशासन सशर्त राहत देने की तैयारी में है। हालांकि, लाइसेंस बहाली के लिए सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा।
एसडीएम और उनकी टीम के निरीक्षण में मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाएं बेहतर मिली थीं। इसके बावजूद स्थायी लाइसेंस बहाल कराने के लिए कारोबारियों को सभी जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। प्रशासन उन्हें इसके लिए समय देने की तैयारी कर रहा है। तय समय में आवश्यक इंतजाम पूरे नहीं होने पर राहत मिलना मुश्किल हो सकता है।
कठौंदा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नगर निगम से जुड़ी सुविधाएं भी अहम हैं। यहां टंकी और पंप से संबंधित काम बजट के अभाव में रुका हुआ है। ऐसे में लाइसेंस बहाली के दौरान सुरक्षा इंतजामों के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाएं पूरी करना भी चुनौती रहेगा।
व्यापारियों की निगाहें अब नवागत कलेक्टर के रुख पर हैं। निर्धारित शर्तों के अनुसार सुरक्षा इंतजाम पूरे होने पर 51 थोक पटाखा कारोबारियों के स्थायी लाइसेंस बहाल हो सकते हैं।
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