
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर लौटने वाले हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या ने फ्लाइट के किराये को आसमान पर पहुंचा दिया है, वहीं ट्रेनों में कन्फर्म सीट हासिल करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू से जबलपुर आने वाली उड़ानों का किराया यहां से जाने वाली फ्लाइट की तुलना में लगभग दोगुना तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा मार बेंगलुरू से आने वाले यात्रियों पर पड़ रही है।
छह नवंबर को यानी दिवाली से एक दिन पहले इस रूट पर एक यात्री का हवाई किराया 20 हजार रुपये के पार पहुंच गया है। दूसरी ओर, जबलपुर से इन शहरों के लिए किराया सात से नौ हजार रुपये के आसपास है।
तिथि दिल्ली मुंबई बेंगलुरू हैदराबाद
6 नवंबर 11,037–13,137 रुपये उपलब्ध नहीं 17,981 रुपये 12,311 रुपये
7 नवंबर 11,982 रुपये 15,671 रुपये 17,871 रुपये 13,256 रुपये
8 नवंबर 6,416–11,037 रुपये 8,087 रुपये 13,241 रुपये 12,311 रुपये
तारीख दिल्ली मुंबई बैंगलुरू हैदराबाद
6 नवंबर 6,706 रुपये 7,659 रुपये 9,017 रुपये 6,823 रुपये
7 नवंबर 6,706 रुपये 7,659 रुपये 9,017 रुपये 6,823 रुपये
8 नवंबर 6,391 रुपये 7,239 रुपये 8,594 रुपये 6,508 रुपये
(एक नवंबर की स्थिति में प्रति यात्री अनुमानित किराया)
हवाई किराये के साथ रेल यात्रा भी आसान नहीं है। दो से आठ नवंबर के बीच जबलपुर आने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी श्रेणियों तक लंबी वेटिंग है। कई तिथियों पर तो टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। दिल्ली, मुंबई, इंदौर और अहमदाबाद से आने वाली ट्रेनों में यात्रियों का दबाव अधिक है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश एवं बिहार की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में भी दिवाली तक लंबी वेटिंग है। कुछ ट्रेनों और श्रेणियों में बनारस, पटना जैसे शहरों के लिए नो रूम हो चुका है।
नियमित ट्रेनों में सीटें नहीं मिलने के कारण यात्री पश्चिम मध्य रेल की ओर से संचालित त्योहारी स्पेशल ट्रेनों का विकल्प तलाश रहे हैं। इनमें भोपाल-दानापुर साप्ताहिक स्पेशल, रीवा-रानी कमलापति, रीवा-डॉ. आंबेडकर नगर, जबलपुर-अयोध्या, जबलपुर-हरिद्वार और जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन स्पेशल शामिल हैं। हालांकि, इन ट्रेनों में भी मांग बढ़ने से सीटों की उपलब्धता तेजी से बदल सकती है। जबलपुर-अयोध्या स्पेशल में भी वेटिंग पहुंचने की जानकारी है।
लंबी वेटिंग और रीग्रेट के बीच अब यात्रियों की उम्मीद तत्काल कोटे पर टिकी है। त्योहार के समय तत्काल टिकट की मांग अचानक बढ़ने से आरक्षण केंद्रों पर टिकटों की दलाली करने वाले सक्रिय हो सकते हैं। इसे रोकने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने टिकट आरक्षण केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है। तत्काल टिकट के लिए टोकन लेकर कतार में खड़े होने वालों पर नजर रखी जा रही है। पहचान पत्रों की जांच के जरिए संदिग्ध गतिविधियों और दलाली पर अंकुश लगाने की कवायद की जा रही है।
यह भी पढ़ें- एमपी में अगले 4 दिन तक बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बरसेंगे बादल, तापमान में भारी गिरावट