
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: नए साल पर रोमांचक रील बनाने के लिए दो युवक और चार नाबालिग गुरुवार को शोभापुर रेल फाटक के पास पहुंचे। शहर के अलग-अलग क्षेत्र में रहने वाले ये युवक और नाबालिग चलती ट्रेन के सामने रील बनाने के लिए शोभापुर में रेल पटरी के पास खड़े थे। यह सभी लोग रेल पटरी पर खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे, तभी रेल सुरक्षा बल का दल मौके पर पहुंच गया।
गश्त करते हुए पहुंचे सुरक्षा बल ने आरोपियों को पकड़ लिया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के साथ जवान गुरुवार को ऑपरेशन दोस्ती पहल पर थे। सुरक्षा दल शोभापुर क्षेत्र में ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटना को रोकने के लिए उन्हें समझाश देने और जागरूक करने पहुंचा था। इसी दौरान सुरक्षा बल के अधिकारियों की नजर रेल पटरी पर खड़े होकर मोबाइल फोन पर सेल्फी लेते और रील बनाने वाले कुछ लोगों को पर पड़ी।
वे लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रील बना रहे थे। घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में अधारताल के न्यू कंचनपुर निवासी निहाल वर्मा (18), शुभ केसरवानी (18) के साथ ही दो 17 वर्षीय किशोर, एक 16 वर्षीय किशोर एवं एक 15 वर्षीय किशाेर है। आरोपियों पर रेल अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
आरपीएफ ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान आरपीएफ को शोभापुर क्षेत्र में रेल पटरी के आस-पास कुछ और लोग बैठे दिखे। उनकी गतिविधि संदिग्ध होने पर नजर रखी गई। पटरी के आसपास बैठे संदिग्धों के हाथ में पत्थर थे। मौके से चार नाबालिग को पकड़ा गया। यह सभी आसपास की बस्ती में रहते है।
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आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया वे मस्ती के लिए चलती यात्री ट्रेनों पर पत्थर फेंकते थे। इनमें से कुछ नाबालिग ट्रेन के इंतजार में रेलवे ट्रैक के किनारे नाले के पानी पर पत्थर मार रहे थे। पूछताछ करने पर स्वीकार किया वे रेल पटरी के पास आकर ट्रेनों पर पत्थर फेंकते है। इसमें उन्हें मजा आता है। इस पर नाबालिगों के स्वजन को बुलाया गया। उन्हें बच्चों को चलती ट्रेन में पत्थर नहीं फेंकने के लिए समझाने की नसीहत दी है।
दोबारा पत्थर फेंकने की घटना में लिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद उन्हें अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। कार्रवाई के दौरान आरपीएफ एसआई योगेंद्र सिंह, एएसआई सुखराम बेन, प्रधान आरक्षक. जितेंद्र सिंह, हरवंश बघेल, आरक्षक हरीकेश दुबे, सूर्यनाथ यादव, प्रमोद पटेल, शिवकुमार बागरी उपस्थित थे।