सागर जहरीली शराब कांड: ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह को हाई कोर्ट से राहत नहीं, लाइसेंस निरस्तीकरण के खिलाफ याचिका निरस्त
सागर जहरीली शराब मामले में शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। लाइसेंस निरस्तीकरण के खिलाफ याचिका वैधानिक अपील विकल्प ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 02:21:32 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 02:21:32 PM (IST)
ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह को हाई कोर्ट से राहत नहीं। (फाइल फोटो)HighLights
- हाई कोर्ट ने शराब ठेकेदार की याचिका निरस्त कर दी।
- आबकारी विभाग ने कंपोजिट शराब लाइसेंस निरस्त किया था।
- सागर जहरीली शराब मामले के बाद कार्रवाई हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर : सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। आबकारी विभाग द्वारा कंपोजिट शराब लाइसेंस निरस्त किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की बेंच ने निरस्त कर दी।
कोर्ट ने कहा कि संबंधित आदेश के विरुद्ध याचिकाकर्ता के पास वैधानिक अपील का विकल्प उपलब्ध है, इसलिए सीधे हाई कोर्ट में दायर याचिका पर हस्तक्षेप का आधार नहीं बनता।
याचिकाकर्ता के फरार होने की बात आई सामने
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव और उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने याचिका की विचारणीयता पर आपत्ति उठाई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिका पावर आफ अटार्नी के माध्यम से दाखिल की गई है और याचिकाकर्ता के फरार होने की बात भी सामने आई है। राज्य की ओर से इन परिस्थितियों को भी कोर्ट के समक्ष रखा गया।
दुकान के विरुद्ध कार्रवाई और अब आगे का विकल्प
- सागर में जहरीली शराब की घटना के बाद आबकारी विभाग ने संबंधित शराब दुकान के विरुद्ध कार्रवाई की थी। इसी कार्रवाई के तहत सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का कंपोजिट शराब लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था। इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
- कोर्ट ने उपलब्ध वैधानिक अपील के विकल्प को देखते हुए याचिका निरस्त कर दी। अब लाइसेंस निरस्तीकरण के विरुद्ध याचिकाकर्ता संबंधित वैधानिक अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
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