
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कुख्यात बदमाश सुयश उर्फ छोटू चौबे के पिता और तीन हजार रुपये के इनामी फरार आरोपित शेखर चौबे (75) को क्राइम ब्रांच ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार स्नेह नगर निवासी शेखर चौबे अपने बदमाश बेटे के गुर्गों को संरक्षण देने के साथ उन्हें फरारी काटने के लिए मकान उपलब्ध कराता था। पुलिस को लगभग एक महीने से शेखर चौबे की तलाश थी।
इस दौरान उसके उत्तर प्रदेश में छिपे होने की सूचना मिली। शुक्रवार रात जबलपुर पुलिस ने आरोपित को घेराबंदी कर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपित को शनिवार को जबलपुर लाया गया। आरोपित से छोटू चौबे गैंग को लेकर पूछताछ की जा रही है।
मदन महल पुलिस ने गत माह कछपुरा के भूलन बस्ती स्थित मकान से नया मोहल्ला रिपटा निवासी शेख आदिल को गिरफ्तार किया था। तलाशी में तीन देसी पिस्टल, रिवाल्वर, कट्टे, एयरगन, धारदार हथियार, 54 कारतूस, 68 खाली खोखे और 23 मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई थी।
पूछताछ में आदिल ने पुलिस को बताया कि शेखर चौबे ने उसे फरारी काटने के लिए मकान में ठहराया था। इसके बाद शेखर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई।
जांच में पुलिस को पता चला कि फरार आरोपित शेख आदिल को भूलन बस्ती स्थित मकान में ठहराया गया था, उसकी जमीन का राजस्व रिकार्ड छोटू चौबे, शेखर चौबे एवं उसकी पत्नी रीता चौबे के नाम नहीं है, लेकिन मकान में लगा विद्युत मीटर उपभोक्ता चंद्रशेखर चौबे के नाम से होना दर्ज पाया गया।
संबंधित जमीन को लेकर बिल्डर अशोक साहू ने जानकारी दी कि उसने वर्ष 2012 में जमीन खरीदी थी और दो प्लाट बेच दिए थे। वर्ष 2018-19 में निर्माण की जानकारी मिलने पर वह जेसीबी लेकर पहुंचा, लेकिन शेखर और छोटू ने हथियार दिखाकर उसे वहां से भगा दिया। बाद में दोनों प्लाट पर पक्का मकान बना लिया गया। मामले में वैधानिक कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है।
आरोपित शेख आदिल से पूछताछ और उसे फरारी के दौरान बदमाश छोटू चौबे के पिता शेखर का संरक्षण होने के साथ कई और जानकारी भी सामने आया अाई है। जांच में यह पता चला है कि आरोपित शेखर चौबे एवं उसके पुत्र आरोपित छोटू चौबे लोगो को डरा धमका कर उनकी जमीन पर अबैध कब्जा कर लेते थे।
हथियार दिखाकर और भय दिखाकर उनकी जमीनों को अपने अधिपत्य में लेकर अवैध निर्माण कर लेते हैं। इन्हें अवैध गतिविधियों को ठिकाना बाते थे, जिसमें से अवैध हथियार रखने, बेचने और अपराध करने के बाद आरोपित फरारी काटने में ठिकानों का उपयोग करते थे।
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