
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बुधवार को सतपुला पुल के पास पथराव की घटना दोहराई गई, जहां जबलपुर–सिंगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने का मामला सामने आया। जबलपुर और अधारताल स्टेशन के बीच चल रही ट्रेन के एसी कोच (सी-वन) की बर्थ नंबर 3/4 के पास खिड़की के कांच पर पत्थर मारा गया।
सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाई और आधे घंटे के भीतर आरोपी बेलबाग टोरिया निवासी नकुल कुंडे (24) को घटनास्थल के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
गाड़ी संख्या 11651 जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी बुधवार की शाम को मुख्य स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेन शाम करीब 4:40 बजे जैसे ही सतपुला पुल के आगे बढ़ी अचानक ट्रेन पर पत्थर बरसें। तब ट्रेन अधारताल की ओर जा रही थी। अचानक पथराव से ट्रेन के सी-वन कोच में सवार यात्री दहशत में आए गए।
राहत वाली बात यह रही है कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। वही सूचा मिलते ही आरपीएफ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार, सहायक उपनिरीक्षक सुखराम बेन, आरक्षक अरुण और आरक्षक संदीप कठेरिया तत्काल मौके पर पहुंच गए। जवानों ने सतपुला ब्रिज के पास डाउन लाइन पर एक व्यक्ति और एक बालक को रोका।
पूछताछ में उसकी पहचान बेलबाग टोरिया पहाड़ के ऊपर निवासी 24 वर्षीय नकुल कुन्डे के रूप में हुई। उसके साथ घमापुर के मंगलप्राग मैदान कछियाना मोहल्ला निवासी नौ वर्षीय बालक मौजूद था। नकुल ने पूछताछ में बताया कि वह बालक को लेकर रेलवे लाइन के किनारे बैठा था।
इसी दौरान जबलपुर स्टेशन की ओर से अधारताल जा रही यात्री ट्रेन दिखाई दी। बालक को चलती ट्रेन के शीशे पर निशाना लगाना समझाने के उद्देश्य से उसने रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ी गिट्टी उठाकर ट्रेन पर फेंक दी। पत्थर खिड़की के कांच पर लगा और कांच टूटने जैसी आवाज आई। आरोपी ने स्पष्ट किया कि पत्थर उसने फेंका था, बालक ने नहीं।
आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खबर ने बताया कि आरोपी नकुल कुंडे के विरुद्ध रेल अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। माता-पिता को समझाइश और संरक्षक बंधपत्र भरवाने के बाद बालक को उनके स्वजन के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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