
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पिता को प्रताड़ित कर उनकी संपत्ति पर कब्जा जमाने वाले बेटे को एक माह के भीतर मकान और दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरे मामले में 87 वर्षीय बुजुर्ग की बहू को भी एक माह में मकान खाली करना होगा। दोनों मामलों में कलेक्टर ने एसडीएम के पूर्व आदेश निरस्त करते हुए तहसीलदार और संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मदन महल निवासी 70 वर्षीय बसंत कुमार रामचंदानी ने अपील में बताया कि उन्होंने वर्ष 1983 में अपनी कमाई से बेलबाग मेन रोड पर 1050 वर्गफुट का दो मंजिला मकान खरीदा था। इसमें दुकानें भी हैं। वर्ष 2016 में उन्होंने बेटे सुनील कुमार रामचंदानी के नाम संपत्ति की वसीयत पंजीकृत कराई थी।
पिता का आरोप है कि इसके बाद बेटे ने उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और घर से बाहर निकाल दिया।बुजुर्ग के मुताबिक, उन्होंने जुलाई 2025 में वसीयत निरस्त करा दी, लेकिन बेटे ने संपत्ति पर कब्जा नहीं छोड़ा।
यह भी बताया कि बेटे के पास खेरमाई मंदिर के सामने कृपाल चौक और मदन महल रोड महानद्दा में मकान हैं। इसके बावजूद उन्हें भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस मामले में एसडीएम रांझी ने 22 अप्रैल 2026 को संपत्ति विवाद बताते हुए बेदखली का स्पष्ट आदेश नहीं दिया था। इसके बाद पिता ने वरिष्ठ नागरिक अधिनियम की धारा 16 के तहत कलेक्टर न्यायालय में अपील की।
दोनों पक्षों के तर्क और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद कलेक्टर ने कहा कि बुजुर्ग को अपनी स्वअर्जित संपत्ति में शांतिपूर्वक और सम्मान के साथ रहने का अधिकार है। सक्षम बेटे के पास रहने के अन्य साधन उपलब्ध हैं, इसलिए उसे पिता की संपत्ति से अलग रहना चाहिए।
कलेक्टर ने बेटे को परिवार और सामान सहित एक माह में मकान-दुकान खाली कर पिता को कब्जा सौंपने के निर्देश दिए। तहसीलदार रांझी और थाना प्रभारी बेलबाग को आदेश का समय-सीमा में पालन कराने को कहा है।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एसडीएम का आदेश निरस्त करते हुए बहू को परिवार और सामान सहित एक माह में मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया कि बहू के पास वैकल्पिक आवास भी उपलब्ध है। बच्चों की शिक्षा और पारिवारिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एक माह की मोहलत दी गई है।
उन्होंने खुद और बेटे को कानूनी उत्तराधिकारी बताते हुए सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला भी दिया।कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एसडीएम का आदेश निरस्त करते हुए बहू को परिवार और सामान सहित एक माह में मकान खाली करने के निर्देश दिए।
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