• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर आउटर रिंग रोड का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, 113 किमी सड़क पांच पैकेज में बनेगी

जबलपुर आउटर रिंग रोड में बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45 यानी बेलखाड़ू क्षेत्र, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर और अमझर से वापस बरेला तक का ह...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 01:39:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 01:47:00 PM (IST)
जबलपुर आउटर रिंग रोड का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य, 113 किमी सड़क पांच पैकेज में बनेगी
जबलपुर आउटर रिंग रोड बनाने का काम जारी है।

HighLights

  1. सड़क परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है
  2. पहले दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था
  3. अब संशोधित लक्ष्य के अनुसार मार्च 2027 तक निर्माण पूरा किया जाएगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर में यातायात का दबाव कम करने और शहर के बाहर से वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड का निर्माण पांच पैकेज में किया जा रहा है। बरेला से मानेगांव सहित अलग-अलग हिस्सों में विभाजित इस 113 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को पहले दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब इसकी समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है।

पांच पैकेज में होगा निर्माण

परियोजना को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निर्माण की योजना बनाई गई है। इसमें बरेला से मानेगांव, मानेगांव से एनएच-45 यानी बेलखाड़ू क्षेत्र, एनएच-45 से कुशनेर, कुशनेर से अमझर और अमझर से वापस बरेला तक का हिस्सा शामिल है। इन पांचों पैकेज के माध्यम से पूरी रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।


इन प्रमुख मार्गों से जुड़ेगी रिंग रोड

रिंग रोड का एक हिस्सा बरेला से मानेगांव तक रहेगा। इसके बाद सड़क मानेगांव से एनएच-45 तक पहुंचेगी। आगे एनएच-45 से कुशनेर तक का हिस्सा होगा, जहां से वाराणसी-सिरोनाबाद मार्ग की ओर संपर्क मिलेगा। कुशनेर से अमझर तक का हिस्सा अमरकंटक मार्ग से जुड़ेगा। इसके बाद अमझर से बरेला तक सड़क का अंतिम हिस्सा होगा।

दिसंबर 2025 की जगह अब मार्च 2027 की समयसीमा

परियोजना को मूल रूप से दिसंबर 2025 तक पूरा करने की योजना बनाई गई थी। अब संशोधित लक्ष्य के अनुसार मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने की बात कही गई है। करीब 3500 करोड़ रुपये की इस परियोजना के पूरा होने से शहर के बाहर से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलने और प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- MP JNNURM: ₹1500 करोड़ से बने गरीबों के आशियाने डेढ़ दशक में खस्ताहाल; मेंटेनेंस फंड पर नगर निगमों ने खींचे हाथ