
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज बंद होने से परेशान वाहन चालकों और राहगीरों के लिए राहत की खबर है। ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात डायवर्ट किए जाने के बावजूद शहपुरा टोल प्लाजा पर जारी वसूली अब बंद की जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ब्रिज के दोबारा चालू होने तक टोल वसूली रोकने की सहमति दी है। इससे वैकल्पिक मार्ग से लंबी दूरी तय कर रहे वाहन चालकों को अतिरिक्त टोल नहीं देना पड़ेगा।
इस वर्ष फरवरी में शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज का मुख्य हिस्सा धंसने के बाद सुरक्षा कारणों से मार्ग बंद कर दिया गया था। यातायात को वैकल्पिक रास्ते से पाटन की ओर डायवर्ट किया गया। वाहनों के बढ़े दबाव से संपर्क मार्ग पर भी परेशानी बढ़ी और आवाजाही प्रभावित हुई।
अब जबलपुर आने-जाने वाले वाहनों को लंबा फेरा लगाना पड़ रहा है। इससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ी है। इसके बावजूद टोल वसूली जारी रहने से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा था।
मंत्री राकेश सिंह ने करीब चार सप्ताह पहले अधिकारियों को टोल वसूली बंद कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद ठेका कंपनी की ओर से वसूली जारी रही।
एजेंसी का तर्क था कि एनएचएआई से लिखित आदेश मिलने के बाद ही बैरियर खोले जाएंगे। 22 सितंबर को मंत्री राकेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ब्रिज बनने तक टोल वसूली रोकने का अनुरोध किया। अब केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद वसूली बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का लगातार दबाव रहता है। शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से इसे रास्ते से आवागमन प्रभावित हुआ है। लंबी दूरी की यात्रा वाले वाहनों के साथ ही आसपास से जबलपुर तक आवाजाही करने वाले वाहन सवार असुविधा के बावजूद टोल जमा करने विवश हो रहे थे।
इस ब्रिज की तकनीकी स्थिति की जांच केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान और विशेषज्ञों की टीम कर रही है। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे पुनर्निर्माण की प्रक्रिया होगी।
शाहपुरा टोल पर वसूली रोकने का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था। शाहपुरा निवासी राजेश सिंह राजपूत ने जनहित याचिका दायर कर टोल वसूली रोकने समेत अन्य मांगें रखी थीं। 22 सितंबर को चीफ जस्टिस अल्पेश कोगजे की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
याचिका में ब्रिज बंद होने से यातायात प्रभावित होने, लंबे जाम और लोगों को हो रही परेशानी का हवाला दिया गया था। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने के साथ पौड़ी रेलवे फाटक खोलने की मांग भी उठाई गई थी। हाईकोर्ट का फैसला अभी आना बाकी है। इसी बीच केंद्र की मंजूरी से टोल वसूली रोकने का निर्णय हो गया है।
यह भी पढ़ें- मथुरा में संत प्रेमानंद के शिष्य ने चौथी मंजिल से कूदकर दी जान, एक वर्ष पहले जबलपुर से वृंदावन जाकर ली थी दीक्षा