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जबलपुर के अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जांच करने पहुंची टीम को मिलीं एक्सपायरी दवाएं, कर दिया सील

Ashwini Hospital Jabalpur: हॉस्पिटल के पास दवाइयों के भंडारण और विक्रय के लिए वैध औषधि अनुज्ञप्ति (ड्रग लाइसेंस) ही नहीं था। बिना लाइसेंस के ही अवैध र...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:21:16 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:27:42 AM (IST)
जबलपुर के अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जांच करने पहुंची टीम को मिलीं एक्सपायरी दवाएं, कर दिया सील
अस्पताल में पड़ताल करती औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में टीम।

HighLights

  1. तीन अक्टूबर को अस्पताल में 19 साल के युवक की मौत हो गई थी
  2. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्पताल को सील कर दिया गया था
  3. गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाइयां मिली

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर/ बेलखाडू। कटंगी रोड पर माल बाबा मंदिर, खैरी के सामने स्थित अश्विनी हॉस्पिटल में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को भारी मात्रा में दवाइयां जब्त की हैं। कार्रवाई के बाद हॉस्पिटल को पुनः सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि विगत तीन अक्टूबर को सुबह नौ बजे इलाज के दौरान झगरा कोयला भट्टा मोहल्ले निवासी शेखर चौधरी (19 वर्ष) की मौत हो गई थी।

स्वजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना, चौकी पुलिस, तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसी मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीलबंद हॉस्पिटल को खोला।


इस दौरान ड्रग इंस्पेक्टर प्रवीण पटेल, बीएमओ पनागर श्रीपति मिश्रा, मेडिकल ऑफिसर डॉ. पीयूष द्विवेदी, शासकीय फार्मासिस्ट पंकज दहाड़े, चौकी प्रभारी बेलखेड़ा एसआइ अमित मिश्रा, मृतक के स्वजन और हॉस्पिटल संचालिका की मां मौजूद रही। जांच के दौरान हॉस्पिटल के अंदर से बड़ी मात्रा में दवाइयां मिलीं।

औषधि निरीक्षक प्रवीण पटेल ने बताया कि मौके पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाइयां मिली हैं, जिनमें कई दवाइयां एक्सपायर हो चुकी थीं और कुछ सामान्य थीं। सबसे गंभीर बात यह है कि हॉस्पिटल के पास दवाइयों के भंडारण और विक्रय के लिए वैध औषधि अनुज्ञप्ति (ड्रग लाइसेंस) ही नहीं था। बिना लाइसेंस के ही अवैध रूप से दवाइयों का स्टाक एकत्रित किया गया था।

पंचनामा कार्रवाई

टीम ने बीएमओ, फार्मासिस्ट और स्वजनों की उपस्थिति में पंचनामा कार्रवाई करते हुए सभी दवाइयों को कार्टून बाक्स में सील कर जब्त किया। जब्त दवाइयों की सूची तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद सभी की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग ने अश्विनी हॉस्पिटल को फिर से सील कर दिया।

हॉस्पिटल संचालिका जांच से नदारद

इस कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हॉस्पिटल संचालिका डॉ. सरिता साहू मौके पर उपस्थित नहीं हुईं। चौकी प्रभारी, ड्रग इंस्पेक्टर और उनकी मां द्वारा बार-बार काल करने और हॉस्पिटल आने का संदेश देने के बावजूद वे जांच टीम के समक्ष पेश नहीं हुईं। इससे उनके ऊपर लगे आरोप और गहरे हो गए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग अब संचालिका के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।

शिशु मंगल हॉस्पिटल का पंजीयन व लाइसेंस निलंबित

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी द्वारा शिशु मंगल हॉस्पिटल, राइट टाउन का पंजीयन एवं लाइसेंस अनमोल एवं पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर निर्धारित प्रविष्टियां नहीं किए जाने तथा निरीक्षण में पाई गई अन्य अनियमितताओं के कारण 15 दिप के लिए निलंबित किया गया है। गत दिवस जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई एवं पीसीपीएनडीटी शाखा के सौरभ चोटिल द्वारा अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण किया गया था।

वहीं इस संबंध में सीएमएचओ ने कहा कि सभी निजी चिकित्सालयों द्वारा अनमोल एवं पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर निर्धारित प्रविष्टियां करना तथा मरीजों की सुरक्षा एवं चिकित्सा सेवाओं के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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