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गणेश पंडाल में करंट से किशोर की मौत, दो दिन पहले मिली थीं खामियां; जबलपुर के टेंट संचालक पर FIR

तार कम ऊंचाई पर लगाए गए थे और ज्वाइंट भी सुरक्षित तरीके से इंसुलेटेड नहीं थे। सर्किट में एमसीबी और अर्थिंग की व्यवस्था भी नहीं मिली। बिजली विभाग ने इन...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 08:12:58 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 08:18:53 PM (IST)
गणेश पंडाल में करंट से किशोर की मौत, दो दिन पहले मिली थीं खामियां; जबलपुर के टेंट संचालक पर FIR
शहर के गणेश पंडाल में जांच करने पहुंचे बिजली विभाग कर्मी। नईदुनिया

HighLights

  1. गणेश पंडालों में कटे-फटे तार
  2. अर्थिंग और एमसीबी तक नहीं थी
  3. बिजली कंपनी ने अब 80 टीमें उतारीं

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गणेश पंडालों में विद्युत सुरक्षा को लेकर बिजली कंपनी की जांच और कार्रवाई के बीच बड़ा सवाल खड़ा हुआ है।

22 सितंबर को जांच में मिली थी खामी

गोरखपुर क्षेत्र के दो गणेश पंडालों में 22 सितंबर को ही जांच के दौरान कटे-फटे तार, कम ऊंचाई पर वायरिंग, एमसीबी और अर्थिंग की व्यवस्था नहीं होने जैसी गंभीर खामियां सामने आ गई थीं। इसके बावजूद तत्काल एफआईआर नहीं कराई गई।

टेंट संचालकों के खिलाफ एफआईआर

बुधवार को एक पंडाल में करंट की चपेट में आने से किशोर की मौत के बाद बिजली कंपनी के अधिकारी सक्रिय हुए और गुरुवार को दोनों मामलों में टेंट हाउस संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

दो पंडालों में मिली थी एक जैसी लापरवाही

22 सितंबर को एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह, टीआई नितिन और बिजली कंपनी की टीम ने क्षेत्र के गणेश पंडालों का निरीक्षण किया था। श्री महादेव गणेश उत्सव समिति के पंडाल में आरआरआर टेंट हाउस, गढ़ा द्वारा की गई विद्युत साज-सज्जा में कटे-फटे और अमानक तार मिले।


धातु के सपोर्ट को अर्थिंग नहीं दी गई थी

इसी तरह सिद्धि विनायक गणेश उत्सव समिति, शारदा चौक क्षेत्र में सचिन टेंट हाउस, गढ़ा द्वारा की गई वायरिंग में भी कटे-फटे तार मिले। विद्युत तार लोहे के पाइपों में बांधे गए थे। धातु के सपोर्ट को अर्थिंग नहीं दी गई थी और एमसीबी का उपयोग भी नहीं किया गया था।

मौत के बाद थाने पहुंची बिजली कंपनी

  • निरीक्षण के बाद दोनों मामलों में तत्काल एफआईआर नहीं कराई गई।
  • बुधवार को गणेश पंडाल में करंट लगने से किशोर की मौत के बाद बिजली कंपनी के अधिकारी गोरखपुर थाने पहुंचे।
  • कनिष्ठ अभियंता सुधीर पटेल के आवेदन पर दोनों टेंट हाउस संचालकों के खिलाफ बीएसए की धारा 125 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है।
  • कंपनी ने कार्रवाई का आधार कटे-फटे व अमानक तार, असुरक्षित ज्वाइंट पाए गए हैं।
  • कम ऊंचाई पर वायरिंग, एमसीबी और अर्थिंग का अभाव तथा धातु के पाइप से वायरिंग करना बताया है।

80 टीमें जांच में उतरीं, 10 जगह नोटिस

अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा के अनुसार गणेश उत्सव के दौरान भीड़ को देखते हुए गुरुवार को शहर में करीब 80 दल बनाकर पंडालों की जांच कराई गई। सुबह 11 से शाम छह बजे तक दिन में पंडालों की लाइट चालू कराकर स्टेज, खंभों और वायरिंग में करंट लीकेज की जांच की गई। एक टीम को करीब पांच पंडालों की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच के दौरान करीब 10 स्थानों पर विद्युत संबंधी अनियमितताएं मिलने पर नोटिस भी दिए गए हैं।

10 किलोवाट कनेक्शन में स्वघोषणा पत्र

अरोरा ने बताया कि 10 किलोवाट तक के कनेक्शन में टीसी कनेक्शन देते समय सुरक्षा मानकों का पालन करने संबंधी सेल्फ डिक्लरेशन लिया जाता है। इसमें उपभोक्ता की ओर से विद्युत सुरक्षा के सभी मापदंड पूरे किए जाने की घोषणा की जाती है।

सुरक्षा को देखते हुए विभाग निगरानी कर रहा

पंडालों में अर्थिंग, तारों के ज्वाइंट और वायरिंग की खामियां सामने आ रही हैं। बिजली कंपनी का कहना है कि इंटरनल वायरिंग का काम संबंधित डेकोरेटर और समिति की जिम्मेदारी है, लेकिन आमजन की सुरक्षा को देखते हुए विभाग निगरानी कर रहा है।

पंडालों में ये सावधानियां जरूरी

  • पंडाल के स्ट्रक्चर और धातु के हिस्सों की उचित अर्थिंग की जाए।
  • कटे-फटे तारों का इस्तेमाल न किया जाए।
  • वायर के स्थान पर उचित दो-कोर केबल का उपयोग किया जाए।
  • प्रत्येक सर्किट में एमसीबी लगाई जाए।
  • वायरिंग के ज्वाइंट को अच्छी तरह इंसुलेट किया जाए।
  • डिस्ट्रिब्यूशन बॉक्स को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए।
  • बिजली चालू करने से पहले करंट लीकेज की जांच की जाए।

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